सवाईमाधोपुर. भाजपा की समीक्षा बैठक शनिवार को हम्मीर सर्किल के पास स्थित एक मैरिज गार्डन में हुई। बैठक में पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी, मदन दिलावर, मनीष पारीक व टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया आदि ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के कारणों पर मंथन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व पर आम कार्यकर्ता की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया। वहीं कहा कि पांच साल तो हमारी बात नहीं सुनी, अब पांच मिनट तो सुन लो।
सुशासन दिवस मनाने पर जोर
वहीं बैठक लेने आए भजपा के शीर्ष नेताओं ने 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिन पर बूथ स्तर पर सुशासन दिवस मनाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त 30 दिसम्बर को प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस दौरान नगर परिषद सभापति डॉ. विमला शर्मा, उपसभापति कपिल जैन, नगर विकास न्यास अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश जैन, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह भाया आदि मौजूद थे।
शीर्ष नेतृत्व नहीं कर रहा कार्रवाई
बैठक में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह भाया ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार का एक प्रमुख कारण नगर परिषद सभापति व पार्षदों के बीच लगातार दो साल से टकराव होना भी है। पार्षद लगातार सभापति को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। एक बार तो पार्षदों ने लामबंद होकर कार्रवाई भी की थी। इस संबंध में कार्यकर्ताओं ने कई बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से जिले में पार्टी की छवि खराब हो रही है और पार्टी से जनता का विश्वास कम होता जा रहा है।
5 मिनट तो सुन लो
पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैठक के दौरान अपनी- अपनी समस्याएं व विचार रखने की कोशिश की तो पूर्व मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने जल्दी -जल्दी बात कहने और कार्यकर्ताओं से बैठ जाने के लिए कहा। इस पर खिन्न होकर कार्यकर्ता रंगलाल गुर्जर ने कहा कि आपने पांच साल तो कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी। अब बैठक में कम से कम पांच मिनट तो सुन लो। वहीं भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष कमल मीणा ने कहा कि जब हमारी बात ही नहीं सुननी तो फिर बुलाया क्यों। बैठक में कार्यकर्ताओं ने भाजपा के जिला स्तर के संगठन ढांचे पर भी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा पदाधिकारियों में कई पर संगीन आरोप लगे हैं फिर भी वह पद पर बने हुए हैं। इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। अजय शंकर शर्मा ने तो जिला संगठन को नकारा तक कह डाला। वहीं कुछ लोगों ने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में तालमेल की कमी को हार की वजह बताया।





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