जनाना अस्पताल में एसएलआर वार्ड में गुरुवार शाम को एक महिला मरीज के ऑक्सीजन चढ़ाते समय स्टाफ की लापरवाही से ऑक्सीजन सिलेंडर की नली तेज धमाके के साथ फट गई। वार्ड में भर्ती प्रसूता, उनके परिजन और स्टाफ में भगदड़ मच गई। लोग अस्पताल से बाहर खुले में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति देख और नली फटने वाले ऑक्सीजन सिलेंडर को मौके से हटाया। उसके बाद मरीज के दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि विजय मंदिर निवासी आसुनी को गुरुवार को डिलीवरी हुई, जिसने लडक़े को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान उसे ऑपरेशन थियेटर में में एक यूनिट खून चढ़ाया और उसके बाद एसएलआर वार्ड में शिफ्ट कर दिया। एसएलआर वार्ड में महिला को दूसरी यूनिट खून चढ़ाया जा रहा था।
इसी दौरान उसको ऑक्सीजन की जरुरत पड़ गई। वार्ड के नर्सिंग स्टाफ ने मरीज के ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया तो अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर की नली फट जाने से धमाका हो गया। जिससे वार्ड में भर्ती सभी प्रसूता, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ में भगदड़ मच गई और मरीज वार्ड छोडकऱ बाहर निकल आए। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी और अस्पताल स्टाफ ने नली फटे सिलेंडर को हटा दूसरा सिलेंडर लगाया। पूरे मामले में अस्पताल स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। जनाना अस्पताल के प्रभारी डॉ. एसबी झारेड़ा ने बताया कि एसएलआर वार्ड में गुरुवार शाम स्टाफ नर्स गुरुचरण कौर की ड्यूटी थी। मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने का काम स्टाफ नर्स का है, लेकिन स्टाफ नर्स नर्सिंग स्टूडेंट से सिलेंडर लगवा रही थी।
वार्ड से बाहर की ओर दौड़े लोग
अस्पताल में धमाके के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर की नली फटते ही वार्ड में मौजूद स्टाफ ने ही शोर मचा दिया कि भागो आग लग गई है। ऐसे में मरीज और उनके परिजनों में भगदड़ मच गई। परिजन प्रसूता व शिशुओं को लेकर वार्ड से बाहर की ओर दौड़े व बाहर खुले में आकर खड़े हो गए। सिलेंडर बदलने के बाद स्टाफ और पुलिसकर्मियों ने काफी समझाइश की। उसके बाद मरीज और परिजन वार्ड में आए।





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