आहोर. कस्बे में निजी बस स्टैण्ड के समीप पिछले लंबे समय से बदहाल के चलते दुर्दशा के आंसू बहा रहे मुख्य तालाब के सौन्दर्यकरण की योजना सालों बाद भी मूर्त रूप नहीं ले पाई है। आलम यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व ग्राम पंचायत की ओर से कई सालों पूर्व मुख्य तालाब के सौन्दर्यकरण की कवायद शुरू की गई थी। जिसके चलते प्रथम चरण में करीब तीन साल पहले सरकारी बजट जारी किया गया। जिसमें आधा अधूरा कार्य ही हो पाया। इसके बाद भी कार्य जारी है, लेकिन यह कार्य बेहद मंथर गति से चलने की वजह से मुख्य तालाब का सौन्दर्यकरण अभी तक नहीं हो पाया है।
कई जगह नहीं बनी चारदीवारी
उल्लेखनीय है कि तालाब सौन्दर्यन के तहत 18 जनवरी 2016 को चारदीवारी निर्माण के लिए मनरेगा व विधायक कोष से 49.49 लाख की स्वीकृति जारी की गई थी। तालाब किनारे कस्बे की ओर जाने वाले मार्ग पर चारदीवारी का निर्माण करवाया। इस कार्य में भी कई महीनोंं का लंबा समय लग गया। हालांकि अभी तक कई जगह चार दीवारी का निर्माण भी शेष है। इसके अलावा तालाब में झाडिय़ों की सफाई व समतलीकरण का कार्य शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य भी अधूरा ही है।
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पहले बंद किया, अब फिर शुरू
कार्य शुरू होने के बाद एक बार बंद हो गया था। कुछ माह पूर्व तालाब कार्य फिर शुरू किया गया। जिसके चलते तालाब के तीन तरफ किनारों पर मिट्टी से धोरापाली की गई तथा वॉकिंग ट्रेक बनाया गया। तालाब में जेसीबी से समतलीकरण भी किया गया। वर्तमान में तालाब के किनारे धोरापाली का कार्य जारी है, लेकिन कार्य बेहद मंथर गति से चलने के कारण अभी तक मुख्य तालाब का सौन्दर्यकरण नहीं हो पाया है।
विकसित करना था आदर्श तालाब
कस्बे में स्थित तालाब को सरकार की योजना के तहत आदर्श तालाब के रूप में विकसित किया जाना है इसके तहत सर्वप्रथम तालाब के चारों ओर चार दीवारी, चिन्हीकरण, समतलीकरण, इंटरलॉकिंग, वृक्षारोपण, बीच में तालाब, ढलान, घाट का निर्माण कार्य करवाया जाना है। भामाशाहों के सहयोग से लाइटिंग, गार्डन, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जाने है। इसके अलावा पूर्व विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित ने गत महीनों अधिकारियों के साथ तालाब के निरीक्षण के दौरान सौन्दर्यकरण के तहत तालाब के चारों ओर वॉकिंग ट्रेक तथा बीच में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की थी।
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दुर्दशा का शिकार हो गया तालाब
तालाब पिछले लंबे समय से दुर्दशा का शिकार बना हुआ है। उचित देखरेख के अभाव में जहां लोगों ने इसे कचरा डालने का स्थान बना दिया है। तालाब में जगह-जगह उगी बबूल की झाडिय़ां भी परेशानी बढ़ा रही है। कई लोगों ने तालाब की भूमि में अतिक्रमण तक कर रखा है।
स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा
कई लोग स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखाते हुए घरों का कचरा तालाब किनारे तथा तालाब में डाल रहे है। इस कार्य में पंचायत के सफाईकर्मी भी पीछे नहीं है। विभिन्न स्थानों पर संग्रहित कचरा तालाब किनारे की दीवार के पास डाल जाते हैं। आहोर पंचायत स्वच्छ भारत अभियान के तहत ओडीएफ घोषित है, लेकिन कई लोग तालाब में ही शौच जाते हैं।
सौंदर्यन की बाट जोह रहे लोग
तालाब का सौन्दर्यकरण होने पर लोगों को मनोरंजन स्थल की कमी महसूस नहीं होगी। यहां लाइटिंग, गार्डन, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, फव्वारे, वॉकिंग ट्रेक, छोटा तालाब विकसित किया जाना है। कस्बेवासियों के लिए यह पिकनिक प्वाइंट साबित होगा। इसलिए कस्बेवासी तालाब की कायाकल्प होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हंै।
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बजट नहीं है...
पूर्व में मुख्य तालाब सौन्दर्यकरण के तहत बजट अनुसार विभिन्न कार्य करवाए गए है, लेकिन अब सौन्दर्यकरण के लिए ग्राम पंचायत में बजट नहीं है। फिलहाल सप्ताहभर पूर्व मनरेगा श्रमिकों को तालाब कार्य में लगाया गया है। नवीन बजट स्वीकृति के अनुसार तालाब में आगामी कार्य करवाए जाएंगे।
रमाकांत, ग्राम विकास अधिकारी, आहोर
करवाएं सौन्दर्यकरण ...
सरकार की ओर से शीघ्र ही बजट स्वीकृत करवाकर मुख्य तालाब के अधूरे पड़े सौन्दर्यकरण के कार्य को पूर्ण करवाया जाएगा। मुख्य तालाब को एक मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। कस्बेवासियों के इस सपने को शीघ्र ही साकार किया जाएगा।
- छगनसिंह राजपुरोहित, नवनिर्वाचित विधायक, आहोर





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