अलवर. राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल (बोम) की बुधवार को होने वाली बैठक की तैयारियां धरी रह गई। राजस्थान पत्रिका ने 19 दिसम्बर के अंक में इस बैठक की जल्दबाजी करने को लेकर ‘छात्र परेशान, मत्स्य विवि बैठकों में व्यस्त, खर्च की चिंता नहीं’ शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बैठक में विवि के कई निर्णयों पर आधिकारिक मोहर लगनी थी जबकि इसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि विधायकों की अभी नियुक्ति नहीं हुई है।
जल्दबाजी में बैठक करवाने को लेकर पत्रिकरा ने सवाल उठाया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद बुधवार सुबह प्रशासन ने बैठक रुकवा दी। प्रशासन ने विवि के कुलसचिव को तलब किया और बैठक तत्काल स्थगित करने के निर्देश दिए। बोम की बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे से शांतिकुंज स्थित एक होटल में होनी थी। एजेंडा तैयार था। इसमें भाग लेने के लिए सभी प्रतिनिधि होटल में आ गए थे। बाद में बैठक में भाग लेने आए कुलपति डॉ. भारत सिंह, कुलसचिव जितेन्द्र सिंह नरुका सहित सभी डीन व प्रतिनिधियों को यहां से लौटना पड़ा। रामगढ़ में विधानसभा चुनाव े चलते आचार संहिता और बिना राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बैठक होने को प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन माना है?
एक दिन पहले गलतबयानी के बाद सुबह पलट गए अधिकारी
बोम की होने वाली बैठक से पहले रजिस्ट्रार जितेन्द्र सिंह का कहना था कि जिले में आचार संहिता नहीं है। इस बैठक पर आचार संहिता का कोई प्रभाव नहीं है। बाद में प्रशासन ने ही आचार संहिता के कारण इस पर रोक लगा दी तो स्वयं ही आचार संहिता के लिए जिला प्रशासन की ओर से निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र की बात कहते नजर आए।





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