दौसा. कांग्रेस के मुरारीलाल मीना ना सिर्फचुनाव जीत, बल्कि अब तक दौसा में सबस बड़ी जीत दर्ज कर इतिहास भी रच दिया। मुरारीलाल को गत बार सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था तो इस बार उन्होंने ऐसा पलटवार किया कि भाजपा चारों खाने चित्त हो गई। गत बार की हार के आंकड़े से दोगुने से अधिक अंतर से मुरारीलाल ने इस बार भाजपा के शंकरलाल शर्मा को मात दी।
गत बार मुरारीलाल 25 हजार 172 वोटों से हारे थे तो इस बार उन्होंने 50 हजार 948 वोट से जीत पाई। ना सिर्फ जीत के अंतर को पाटा, बल्कि अंतर के बाद दोगुना अधिक वोटभी पाए। कुल विधिमान्य मतों में से मुरारीलाल मीना को 58 प्रतिशत वोटमिले हैं। वहीं भाजपा को करीब 28 प्रतिशत वोट मिले हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस बार भाजपा के गढ़ माने जाने वाले दौसा शहरी क्षेत्र से भी करीब 3000 वोट से जीत हासिल की है।
वहीं मतगणना के दौरान शुरुआत से ही भाजपा पिछड़ती रही तथा एक के बाद एक भाजपा समर्थक खिसकते रहे। कांग्रेसियों का उत्साह देखने लायक रहा। दौसा विधानसभा क्षेत्र की गणना 17 राउण्ड में पूरी हुई। इनमें से मात्र आठवें राउण्ड में मुरारीलाल मीना को बढ़त नहीं मिली। इसके अलावा सभी 16 राउण्ड में मुरारीलाल बढ़त लेते रहे।
मुरारीलाल मीना की बढ़त पहले राउण्ड में 3133, दूसरे में 1629, तीसरे में 1172, चौथे में 3443, पांचवें में 4733, छठे में 2804, सातवें में 2385, आठवों में 2003 से पीछे हुए, नवें में फिर बढ़त 2463, दसवें में 71, ग्यारहवें में 2555, बारहवें में 2726, तेरहवें में 761, चौदहवें में 4756, पन्द्रहवें में 5960, सोलहवें 6973 तथा सत्रहवें राउण्ड में 7075 मतों की बढ़त ली।
7697 ने दबाया नोटा, पिछली बार से कम
विधानसभा चुनाव में दूसरी बार उपयोग में लिए नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) बटन का भी मतदाताओं ने उपयोग किया। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7 हजार 697 लोगों ने नोटा दबाकर सभी उम्मीदवारों को नकार दिया। सिकराय में सर्वाधिक 2075 लोगों ने नोटा दबाया। लालसोटमें 1987, दौसा में 1529, महुवा में 1109 तथा बांदीकुई में 997 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। गौरतलब हैकि वर्ष 2013 के चुनाव में 13 हजार 300 लोगों ने नोटा दबाया था। लालसोट में 3 हजार 963, सिकराय में 3 हजार 523, दौसा में 2 हजार 331, बांदीकुई में 1 हजार 729 मतदाताओं ने नोटा दबाया था।





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