कनवास . थाना पुलिस ने विज्ञान नगर कोटा में 'दारुल उलूम रजा ए मुस्तफा शरीया अदालत के नाम से समानान्तर न्यायालय चलाकर कोर्ट के फैसलों की अवमानना के आरोप में कोटा निवासी मुफ्ती शमीम अशरफ को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी श्यामाराम विश्नोई ने बताया कि धूलेट निवासी मुश्ताक ने 2006 ने कनवास थाने में प्रकरण दर्ज कराया था कि पारिवारिक न्यायालय कोटा ने मुश्ताक तथा उसकी पत्नी मोबिना के बीच तलाक व भरण पोषण का वाद खारिज कर उन्हें साथ रहने का आदेश दिया था, किन्तु मुफ्ती शमीम अशरफ ने न्यायालय का फैसला उलटते हुए दम्पती के बीच तलाक के आदेश जारी कर दिए। जबकि 'दारूल उलूम रजा ए मुस्तफा एक शिक्षण तथा शरीया संबंधी मामलों में परामर्श देने वाली संस्था है, न्यायालय नहीं।
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कनवास न्यायालय ने 2012 में मुफ्ती शमीम व मोबिना मंसूरी के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ अभियुक्तों ने सेशन न्यायालय रामगंजमंडी में अपील की, किन्तु वहां भी इनको राहत नहीं मिली। तब से दोनों फरार चल रहे थे। कनवास पुलिस ने 16 दिसंबर को विज्ञाननगर से मुफ्ती शमीम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।





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