सूरवाल. सूरवाल बांध से लिंक नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे कई किसानों को सिंचाई के लिए नहर का पानी नहीं मिल पा रहा है। कई किसानों ने नहर में अवरोधक लगाकर पानी को रोक लिया तथा अपने खेतों में मोड़ लिया है। विभागीय कार्रवाई नहीं होने से टेल के आस-पास के किसानों में नाराजगी है।इस बार अच्छी बारिश होने से सूरवाल बांध सहित कई बांध लबालब हुए हैं। सूरवाल बांध से लिंक नहरों में पानी छोड़े करीबन एक माह बीत गया, बावजूद इसके टेल तक अब भी पानी नहीं पहुंच पाया है। बीच में पडऩे वाले खेत मालिकों ने कई जगह से नहर के पानी को रोक लिया है तथा पाळ को क्षतिग्रस्त कर अपने खेतों में मोड़ लिया है। इससे नहर का पानी आगे नहीं पहुंच पा रहा है। अजनोटी मुख्य सड़क पर यह पानी जड़ावता तक ही पहुंच पाया है, जबकि खाटकलां और पढ़ाना टेल के किसान अब भी सिंचाई के लिए नहर के पानी से वंचित है। खाटकलां के रामलाल पटेल सहित अन्यों ने बताया कि इस मामले में विभागीय अभियंताओं को शिकायत कर दी गई है, लेकिन बांध लबालब होने के बावजूद भी टेल के किसान नहर के पानी से वंचित हैं। उधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुरेश भोपरिया ने बताया कि नहर के पानी को रोकने तथा पानी को अपने खेतों में मोडऩे वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फसलों का चट कर रहा गोवंश
मलारना डूंगर. कभी खुशी, कभी गम। इन दिनों किसानो की कुछ ऐसी ही स्थिति बनी है। खेतो में लहलाती फसलों को देख कर किसान की बांछे खिल उठती है। वहीं दूसरे ही पल फसलों को रौंदते आवारा जानवरों को देख अन्नदाता दुखी हो उठता है। मलारना डूंगर उपखण्ड मुख्यालय सहित आस-पास के गांवों में इन दिनों सैकड़ों की तादाद में आवारा गोवंश घूम रहा है। इनके संरक्षण के लिए यहां ना तो सरकारी स्तर पर कोई इंतजाम किए गए है। ना ही कोई समाज सेवी संस्था या राजनीतिक दल अब इनकी सुध लेने की आवाज उठा रहा है। ऐसे में आवारा गोवंश किसानों की मेहनत की कमाई को चट कर रहा है। वहीं किसान रात-दिन एक कर अपनी फसलों को बचाने की जुगत में लगा है, लेकिन फिर भी फसल बचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। पूर्व सरपंच हरबल मीणा ने गोवंश संरक्षण के लिए मलारना डूंगर में गोशाला खोलने, गोवंश से फसलों का नुकसान होने पर मुआवजा देने व सस्ती दर पर किसानों को तारबन्दी के लिए कंटीले तार व पिल्लर दिलाने की मांग की है।
रतजगा कर फसलों की सिंचाई
चौथ का बरवाड़ा. दिन में बिजली आपूर्ति नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों ने बताया कि कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए मिलने वाली थ्री फेस बिजली रात में दी जारी है। इससे किसानों को फसलों में सिंचाई करने के लिए रात भर जागना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कड़ाके की ठंड के बीच रात को फसलों में पिलाई कार्य करने से किसान आए दिन बीमार पड़ रहा है किसानों ने विद्युत निगम के उच्च अधिकारियों से कड़ाके की सर्दी में थ्री फेज बिजली आपूर्ति दिन में करने की मांग की है।





No comments:
Post a Comment