नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बिहार की 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर गतिरोध खत्म हो गया है। सीटों के बंटवारे पर सहमति के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बताया है कि एनडीए में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पूरा ख्याल और मान रखा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जानते थे कि एलजेपी का मान न रखने का सीधा मतलब महागठबंधन का हाथ मजबूत करना है।
2009 से ज्यादा सीट जीतेंगे
उन्होंने सीटों पर सहमति के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि अब तय हो गया है कि हम सब मिलकर काम करेंगे। हर मुद्दे पर बैठकर बात करेंगे। नीतीश कुमार ने भाजपा का धन्यवाद किया कि उन्होंने पासवान की प्रतिष्ठा का ख्याल रखा। 2009 में भाजपा और जदयू का गठबंधन था। तब बिहार में एनडीए को 40 में से 32 सीटें मिली थी। इस बार उम्मीद है कि 2014 से ही नहीं बल्कि 2009 से भी बेहतर नतीजे आएंगे।
रामविलास यूं ही नहीं है मौसम विज्ञानी
सीटों के बंटवारे पर सहमति से पहले पासवान ने जेडीयू प्रमुख और सीएम नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षा को जान गए थे। इसलिए उन्होंने आरएलएसपी के एनडीए से अलग होने की घोषणा के साथ ही भाजपा अध्यक्ष से अपने पुत्र चिराग पासवान के साथ मिले और अमित शाह के सामने अपनी बात रख दी । उसके बाद एक बार ऐसा लगा कि रामविलास पासवान भी एनडीए से अलग हो जाएंगे लेकिन शाह ने बात को समझते हुए पासवान को तवज्जो दी और नीतीश को भी इस बात के लिए मना लिया। दूसरी ये बात नीतीश भी जानते थे कि पासवान अगर एनडीए से अलग होते हैं तो इसका लाभ महागठबंधन को मिलेगा।





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