मेलबर्न : बॉल टेम्परिंग के आरोप में एक साल का प्रतिबंध झेल रहे डेविड वॉर्नर एक बार फिर मुसीबत में फंस सकते हैं। कैमरून बैनक्राफ्ट बॉल टेम्परिंग में प्रतिबंध झेल रहे हैं और उनके प्रतिबंध की अवधि इसी महीने समाप्त हो रही है। उन्होंने कहा बॉल टेम्परिंग की बात स्वीकार करते हुए कहा कि केपटाउन बॉल टेम्परिंग विवाद में टीम के तत्कालीन उपकप्तान डेविड वार्नर ने उन्हें गेंद से छेड़छाड़ करने को कहा था। घटना इसी साल मार्च की है। बैनक्रॉफ्ट दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में सैंड पेपर से गेंद के साथ छेड़छाड़ करते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। इस विवाद के चलते उन पर नौ महीने तो टीम कप्तान और उपकप्तान स्मिथ तथा वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था।
उपकप्तान की सलाह पर किया अमल
बैनक्राफ्ट ने एक मीडिया को साक्षत्कार में कहा कि वार्नर ने मैच की स्थिति को देखते हुए मुझे ये सलाह दी थी। वह टीम में फिट होना चाहते थे और एक अहम खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहता थे। उन्होंने वह फैसला अपनी प्राथमिकता के हिसाब से लिया था और उस समय की प्राथमिकता टीम मे फिट होना था। टीम में जगह पक्की होने पर सम्मान मिलता है और इस गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि वॉर्नर की सलाह पर ऐसा किया। इतना ही नहीं इस बारे में भी सोचा था कि अगर वार्नर की बात को मना कर देता हूं तो क्या होगा।
न कहने पर भी होती ऐसी ही समस्या
बैनक्राफ्ट ने कहा कि यह सवाल उन्होंने अपने आप से कई बार पूछा कि अगर न कह देता तो क्या होता? इस सवाल के साथ जो चीजें उनके सामने आई वह यह थी कि उस हालत में भी उन्हें इसी तरह की समस्याएं होतीं जो गेंद पर सैंड पेपर के इस्तेमाल के बाद हुईं। वह समस्या यह होती कि वह बिस्तर पर इस सोच के साथ जाते कि कि उन्होंने टीम के हर सदस्य को निराश कर दिया। वह सोचते कि उन्होंने टीम की जीत की संभावनाओं को खत्म किया।
गलती से बचने का था मौका
बैनक्रॉफ्ट ने साथ में यह भी माना कि उनके पास इस बड़ी गलती से बचने का मौका था। उन्होंने कहा कि वह किसी और की नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी ले सकते हैं, क्योंकि वह अपराधी नहीं हैं। उनके पास मौका था और उन्होंने एक बड़ी गलती की। यही उनके नियंत्रण में था।





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