मलारना डूंगर.
रणथम्भोर नेशनल पार्क के बाहरी इलाको में खुंकार जंगली जानवरों की आहट थमने का नाम नही ले रही है। खेतो में बढ़ी टाइगर की चहल कदमी से पहले ही ग्रामीण दहशत में है। अब जंगल की सीमा से सटे बसव गांव में रविवार रात जंगल से निकल कर एक पैंथर ने खूंटे पर बंधे बछड़े का शिकार किया है। ऐसे में स्थानीय लोगो की चिंता बढ़ने लगी है।
स्थानीय लोगो का कहना है कि यदि जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्र में बढ़ते कदम नही रोके गए तो मानवीय जनहानी की आशंका से भी इनकार नही कर सकते। पीड़ित कानजी पुत्र रामधन योगी व उसकी पैनी खेलन्ती ने बताया कि रविवार रात उनकी गाय व बछड़े छप्पर में बंधे थे। इस दौरान जंगली जानवर के आने से मवेशियों में अफरा-तफरी मच गई। एक बछड़ा तो रस्सी तुड़ा कर भाग गया, लेकिन जंगली जानवर ने दूसरे बछड़े को अपने शिकार बना लिया। सूचना पर तालड़ा रेंज से वन कर्मी हनुमान राजोरिया स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पगमार्को के हिसाब से पैंथर होने की पुष्ठी की गई।
वापस अपने घर लौटने का दावा
उधर, खरखड़ा बनास नदी व मलारना स्टेशन में बीते कई दिनों से टाइगर के मूवमेंट के बाद अब अधिकारियों ने टाइगर के वापस जंगल मे जाने का दावा किया है। मलारना स्टेशन वन चौकी पर तैनात वनकर्मी अशोक भारदूआज ने बताया कि बसव के पास जंगल से निकल कर एक टाइगर खरखड़ा के रास्ते बनास नदी पार कर मलारना स्टेशन तक पहुंचा था। अब वह उसी रास्ते वापस जंगल मे लौट गया। वनकर्मियों ने बनास नदी व खरखड़ा गांव के पास टाइगर के वापस जंगल की तरफ जाने के पगमार्क मिलने की बात कही है। हालांकि वनकर्मी यह नही बता सके कि कोनसा टाइगर जंगल से बाहर निकला था।





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