पोकरण (जैसलमेर)। शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान दो समुदायों में हुए झगड़े के बाद पत्थरबाजी, आगजनी, वाहनों में तोडफ़ोड़ की घटना के दूसरे दिन लाठी गांव में चहुंओर सन्नाटा पसरा नजर आया। घटना के बाद यहां एतिहात के तौर पर पुलिस, आरएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए हैं, जिस पर गांव पुलिस छावनी बन गया है। यहां शनिवार को दुकानें बंद रही।
पुलिस के आला अधिकारी संभाल रहे मोर्चा
पत्थरबाजी व झगड़े के बाद जैसलमेर पुलिस अधीक्षक जगदीशचंद्र शर्मा मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। देर रात्रि पुलिस महानिरीक्षक संजीवकुमार नार्जरी भी लाठी पहुंच गए थे, जो शनिवार को भी यहां कानून एवं शांति व्यवस्था पर निगरानी रख रहे थे।
इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीणा, बालोतरा के एएसपी कैलाशदान रतनू, पुलिस उपाधीक्षक रामचंद्र चौधरी सहित एक दर्जन निरीक्षक व उपनिरीक्षक भारी पुलिस जाब्ते के साथ यहां पहुंचे और दो दिनों से लाठी में डेरा डाले हुए है।
इनके साथ आरएसी की दो कंपनी, आरएएफ व पुलिस के जवान तैनात किए गए है। आगजनी की आशंका को देखते हुए पोकरण व जैसलमेर से अग्निशमन वाहन और पुलिस का वज्र वाहन भी गांव में खडे करवाए गए हैं।
राजस्थान चुनाव 2018: दो पक्षों में हुई झड़प से बढ़ा तनाव, पत्थरबाजी में आधा दर्जन लोग घायल
गौरतलब है कि लाठी गांव में शुक्रवार को मतदान के कुछ देर बाद दो पक्षों में हुई झड़प से तनाव बढ़ गया था। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। उपद्रव कर रहे लोगों ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोडफ़ोड़ कर उन्हें पलट दिया। तनावपूर्ण माहौल में लोगों एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया।
बता दे कि लाठी गांव में स्थित मतदान केन्द्र 62, 63 व 64 पर मतदान चल रहा था। अपराह्न करीब साढ़े चार बजे कुछ लोग मतदान केन्द्र से कुछ दूरी पर बैठे थे। आरोप है कि इस दौरान सामने की तरफ बैठे एक पक्ष के लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।





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