योगेश पारीक
फतेहपुर. पतंगबाजी का सीजन शुरू होते ही बाजार में चाइनीज मांझे की भी आवक शुरू हो गई है। प्रतिबंध के बावजूद भी बाजार में मांझा धड़ल्ले से बिक रहा हैं। चाइनीज मांजे से प्रदेशभर में भले ही कई मौतें हो चुकी है लेकिन कार्रवाई के नाम पर प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करने में लगा है। चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ चार साल में महज 11 मामले दर्ज हुए। ऐसे में सवाल यह है कि प्रशासन की ओर से चाइनीज मांझे पर कार्रवाई हैं या मजाक किया जा रहा हैं। पिछले कई वर्षों से बाजार में चायनीज मांझा की बिक्री बढ़ रही है। प्लास्टिक डोर होने के चलते बाजार में इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है। इससे हर वर्ष कई लोग घायल हो गए जाते हैं कई लोग की मौत हो जाती हैं। राज्य सरकार की ओर से हरवर्ष इस पर कार्रवाई करने के आदेश निकाले जाते हैं। सीकर व जयपुर व चूरू जिले को छोड़ दिया जाए तो अन्य जिलों में एक भी कार्रवाई नहीं की गई। ोक लगाने के बाद भी व्यापारी चोरी छुपी यह मांझा बेच रहे हैं। कठोर कार्रवाई नहीं होने के चलते व्यापारियों में भय नही है, इसलिय बाजार में चायनीज मांझा आराम से बिक रहा है। पतंग कारोबारी बताते हैं कि चाइनीज मांझे में प्लास्टिक होता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। इसमें धार भी होती है। सभी मांझे घातक होते हैं, लेकिन चाइनीज सबसे खतरनाक साबित होता है। चाइनीज मांझे को विशेष तौर पर तैयार किया जाता है। चाईनीज मांझे को बनाने में कुल पांच प्रकार की केमिकल और अन्य धातुओं का प्रयोग किया जाता है। इनमें सीसा, वजरम नामक औद्योगिक गौंद, मैदा फलौर, एल्युमीनियम ऑक्साइड और जिरकोनिया ऑक्साइड का प्रयोग होता है। इन सभी चीजों के मिक्स होने पर तेज धार वाला चाईनीज मांझा तैयार होता है। चाइनीज मांझे से पक्षियों को भारी नुकसान होता हैं। पतंगबाजी के दौरान पक्षी मांझे की चपेट में आ जाते हैं। कई पक्षी घायल हो जाते हैं व कइयों की मौत हो जाती हैं।
19 व्यक्तियों पर कार्रवाई
विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में स्वायत शासन विभाग ने बताया कि चार साल में 11 मानले दर्ज हुए हैं। इनमे 19 व्यक्ति पर मामला बना कर चालान पेश कर दिया गया। इनमें सीकर मकोतवाली में 5, रामगढ़ सेठान में 1, चूरू में 1 व जयपुर पूर्व में 3 व जयपुर उत्तर कोतवाली में 1, जयपुर पश्चिम में एक मामला दर्ज किया गया।
दायरा में युवाओं ने जलाया चायनीज मांझा , प्रतिबंध लगाने की मांग
खंडेला. गांव दायरा में शनिवार को भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष प्रदीप खंडेला के नेतृत्व में युवाओं ने चायनीज मांझा जलाकर प्रशासन से इसकी बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान युवाओं ने चायनीज मांझा उपयोग में नह लेने की शपथ भी ली। खंडेला ने बताया कि चायनीज मांझाा के कारण हर साल कई लोगों व पक्षियों की जान चली जाती है। इसलिए प्रशासन को चायनीज मांझा के प्रयोग व उसके बेचने पर पाबंदी लगानी चाहिए। इस दौरान चन्द्रप्राकश सैनी, अशोक सैनी, विजय कुमावत, सुनील सैनी, मनोज सैनी, सुरेश याइव, मांगीलाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।





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