शिक्षा विभाग की व्यवस्था बेपटरी: प्रिटिंग फर्म की लापरवाही सब पर भारी
सीकर. शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही बुधवार को हजारों बच्चों के साथ शिक्षकों पर भी भारी पड़ गई। प्रश्न पत्र समय पर नहीं पहुंचने पर पहले तो जिला समान परीक्षा योजना के तहत बुधवार को होने वाली पहली परीक्षा अंतिम समय पर स्थगित कर दी गई। फिर इसके बाद भी जब प्रश्न पत्र पहुंचे तो उसमें इतनी देरी हुई कि उसका वितरण ही देर रात तक जारी रहा। शिक्षकों को २० से २५ किलोमीटर नॉडल मुख्यालयों पर जाकर पेपर संग्रहित करने पड़े। ऐसे में शिक्षा विभाग की लेटलतीफी ने जहां बच्चों की पहली परीक्षा की तैयारी को सिफर कर दिया। वहीं, शिक्षकों को गुरुवार की परीक्षा भी स्थगित होने के संशय के बीच देर रात तक परेशान रखा। बतादें कि जिला समान योजना परीक्षा के तहत कक्षा ९ से १२ की अद्र्ध वार्षिक परीक्षा जिलेभर में एक साथ होती है। जो इस साल से राजकीय राधाकृष्ण मारू स्कूल के संयोजन में हो रही है। इस बार यह परीक्षा १२ दिसंबर से तय की गई थी। लेकिन, प्रश्न पत्र समय पर नहीं पहुंचने पर चारों कक्षाओं का अंग्रेजी का पहला प्रश्न पत्र स्थगित करना पड़ा था।
संदेह और सवालोंं में शिक्षा विभाग
प्रश्न पत्रों के समय पर नहीं पहुंचने से परीक्षा में हुई अव्यवस्था का दोषी शिक्षा विभाग ने संबंधित प्रिंटिंग फर्म को माना है। जिसके लिए विभाग ने फर्म को ब्लेक लिस्टेड करने की बात भी कही है। लेकिन, पूरे मामले में खुद शिक्षा विभाग भी कटघरे में है। क्योंकि जिस प्रिंटिंग फर्म से प्रश्न पत्र तैयार कराए गए हैं, उसने पिछले साल भी देरी से भिजवाने के साथ प्रश्न पत्रों में काफी गलतियां छोड़ दी थी। जिसके बाद शिक्षक संगठनों ने फर्म को ब्लेक लिस्टेड करने की मांग भी उठाई थी। लेकिन, सबक लिए बिना शिक्षा विभाग ने फिर उसी फर्म को प्रश्न पत्रों का टेंडर जारी कर दिया। जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के साथ संदेह के घेरे में भी आ गई।
रात तक जागते रहे शिक्षकप्रश्न पत्र बुधवार देर शाम को मारू स्कूल पहुंचे। जहां से छटनी के बाद उनका ब्लॉकवार वितरण हुआ। ब्लॉक में नोडल केंद्रों पर पहुंचने के बाद भी उनका जब स्कूलवार वितरण हुआ तो उसमें कई ब्लॉक में आधी रात तक परीक्षा के प्रश्न पत्र वितरित होते रहे। उसके बाद नियमों के अनुसार शिक्षक प्रश्न पत्र बंडल घर नहीं ले जा सकते, उन्हें रात को अंधेरे में स्कूल का गेट खुलवाकर बंडल रखवाने पड़े।
रविवार को होगी अंग्रेजी की परीक्षा
्र श्न पत्र समय पर नहीं पहुंचने पर स्थगित हुई अंग्रेजी की पहली परीक्षा अब १६ दिसंबर को होगी। इस दिन रविवार के अवकाश के चलते कोई परीक्षा नहीं होने पर शिक्षा विभाग ने यह दिन तय किया है। ऐसे में परीक्षार्थियों को १३ से १९ दिसंबर तक लगातार परीक्षा देनी होगी।
प्रिंटिंग फर्म से प्रश्न पत्र देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में अव्यवस्था हुई है। जिसे अब ब्लेक लिस्टेड किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रश्न पत्र बुधवार को देर शाम जरूर पहुंचे, लेकिन नीमकाथाना और पाटन में समय पर ही प्रश्न पत्र पहुंचा दिए गए। शेष ब्लॉक में भी प्रश्न पत्र समय पर पहुंच जाएंगे।
मुकेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर
पिछले २-३ साल से परीक्षा को मजाक बना रखा है। हर बार परीक्षा निर्धारित समय सारणी के मुताबिक नहीं हो पा रही है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने समय पर और व्यवस्थित तौर पर परीक्षा कराने के पूरे प्रयास किए हैं। लेकिन, यदि प्रिंटिंग फर्म की गलती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई
होनी चाहिए।
उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)





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