अलवर. विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रदर्शन ने इस बार सभी को चौंका दिया, बसपा ने जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 16.15 फीसदी वोट लिए, बल्कि अपने दो विधायक चुनवाने के साथ ही कांग्रेस व भाजपा के वर्चस्व की राह भी रोक दी। बसपा ने जिले में विधायक बनवाने में भाजपा की बराबरी की, बल्कि कांग्रेस की सीटों की आधी राह तय कर ली। यही कारण रहा कि चुनाव परिणाम कांग्रेस व भाजपा के अपेक्षानुसार नहीं रह पाए।
विधानसभा चुनाव में इस बार जिले में 16 लाख 49 हजार 389 मतदाताओं ने मत का उपयोग किया। इनमें 16.15 प्रतिशत यानि 2 लाख 66 हजार 320 वोट अकेले बसपा के खाते में गए। वहीं कांग्रेस के खाते में 5 लाख 19 हजार 432 व भाजपा को 5 लाख 19 हजार 971 गए। इस चुनाव में कांग्रेस को 31.49 तथा भाजपा को 31.52 प्रतिशत वोट मिल सके।
मजबूत दावेदारों ने बढ़ाया बसपा का वोट बैंक
चुनाव में इस बार बसपा को कांग्रेस व भाजपा के बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे मजबूत दावेदारों का साथ मिला। यही कारण रहा कि पार्टी जिले की 10 सीटों में से 2 पर जीत दर्ज कराने में कामयाब रही। इन सीटों में किशनगढ़बास व तिजारा सीट शामिल है। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस व भाजपा के दिग्गज चुनाव मैदान में थे। किशनगढ़बास में भाजपा प्रत्याशी दो बार विधायक रहे रामहेत सिंह यादव व कांग्रेस प्रत्याशी मौजूदा सांसद डॉ. करणसिंह यादव को पराजित किया। वहीं तिजारा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दुर्रूमियां एवं भाजपा प्रत्याशी भिवाड़ी नगर परिषद सभापति संदीप दायमा को हराया।





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