- 2020 में राजस्थान से कांग्रेस कोटे से आएंगे दो सदस्य
- छत्तीसगढ़ में 2020 में कांग्रेस को एक सीट का फायदा, हो जाएंगे दो सदस्य
- मध्य प्रदेश में 2020 में भाजपा को गंवानी पड़ेगी एक सीट, कांग्रेस को एक सीट का फायदा
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सरकार तो बना ही ली, इन नतीजों के दम पर अब यह संसद के उच्च सदन में भी अपनी ताकत बढ़ा सकेगी। उधर, इन नतीजों के आधार पर आने वाले समय में भाजपा को नुकसान झेलना पड़ेगा।
राज्यसभा में इस समय राजस्थान से कांग्रेस की सदस्य संख्या शून्य है, लेकिन नई विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से 2020 में इसके दो सदस्य राज्यसभा में होंगे। भाजपा को राजस्थान से 2020 में केवल एक सीट ही मिलेगी। राजस्थान में 2020 में तीन सीटें खाली हो रही हैं। इनमें विधायकों की संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को दो और भाजपा को एक सीट मिल सकती है। हालांकि कांग्रेस को दूसरी सीट के लिए निर्दलीय और सहयोगी दलों का सहारा लेना होगा।
माना जा रहा है कि सरकार का समर्थन कर रहे विधायक सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को ही वोंट देंगे। इसी तरह से 2022 में राज्य में चार सीटें खाली हो रही हैं। इसमें कांग्रेस को दो सीटें आसानी से मिल जाएंगी जबकि तीसरी सीट के लिए लड़ाई लडऩी होगी। वहीं भाजपा को एक सीट मिलेगी और दूसरी सीट के लिए उसे 7 और विधायकों की जरूरत पड़ेगी। ऐसी स्थिति में राज्य में चौथी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
मध्य प्रदेश में फायदे में कांग्रेस
2020 में मध्य प्रदेश से तीन सीटों के लिए चुनाव होगा। अभी इसमें भाजपा के पास दो और कांग्रेस के पास एक सीट है। इसमें कांग्रेस को दो सीटें आसानी से मिल जाएंगी, जबकि भाजपा के खाते में एक सीट जाएगी। इसी तरह वर्ष 2022 में तीन सीटों के लिए चुनाव होगा। इन तीन सीटों में इस समय दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास हैं। तब कांग्रेस के खाते में दो और भाजपा के खाते में एक सीट जाएगी।
छत्तीसगढ़ में नुकसान में भाजपा
भाजपा को छत्तीसगढ़ में सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है। 2020 में राज्य की दो सीटों के लिए चुनाव होगा। जिसमें वर्तमान में एक-एक सीट कांग्रेस और भाजपा के पास है। 2020 में ये दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली जाएंगी। इसी तरह 2022 में होने वाले चुनाव में दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली जाएंगी। इनमें भी इस समय एक सीट कांग्रेस और एक भाजपा के पास है।
इन सांसदों पर कोई खतरा नहीं
अगले पांच सालों में होने वाले राज्यसभा के चुनाव में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई सांसदों के लिए समीकरण बदल सकता है। वहीं कुछ सांसदों के लिए अगले पांच साल सुरक्षित हैं। इनमें छत्तीसगढ़ से भाजपा की सरोज पांडेय के अलावा मध्य प्रदेश से भाजपा के थावरचंद गहलोत, धर्मेन्द्र प्रधान, कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह और कांग्रेस के राजमणि पटेल शामिल हैं। यही स्थिति राजस्थान से भाजपा के भूपेंद्र यादव, किरोड़ीलाल मीणा और मदनलाल सैनी की भी है, जिनका कार्यकाल अगले पांच साल तक सुरक्षित है। ये सभी सांसद इस साल हुए अप्रैल माह में हुए चुनाव में निर्वाचित हुए थे।





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