Breaking News
recent

सड़कों पर फर्राटें भर रहे बिना नंबर के वाहन

आबूरोड. पुलिस की अनदेखी के चलते बिना पंजीयन वाले वाहन नगर की सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। वाहन खरीदे लंबा समय गुजरने के बाद भी कई वाहन मालिकों ने पंजीयन नंबर अंकित कराने की जहमत तक नहीं उठाई है। हालात यह है की कई वाहन धारकों ने वाहनों की नंबर प्लेट पर स्लोगन नाम तथा पदनाम अंकित करा रखा है।
नियम कायदों की कोई परवाह नहीं
नए वाहन खरीदी के कुछ समय बाद आरटीओ द्वारा वाहन के नंबर तो जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन वाहन चालकों द्वारा वाहन पर नंबर अंकित करवाए जाते हैं। लोगों का कहना है कि बिना नंबर के मोटर साइकिल पर तीन से चार युवक सवार होते हैं और नगर में हुड़दंग मचाते हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
एक वाहन पर तीन या चार सवार
शहर में वाहन चालकों की लापरवाही इस कदर तक बढ़ चुकी है की वाहन चालक दोपहिया पर नियमों को ताक में रखकर तीन से उससे अधिक सवारियों का सवार कर लेता है। नियमानुसार दोपहिया पर दो से ज्यादा सवार होने पर कार्रवाई होती है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के अवहेलना हो रही है।
नाबालिग करते हैं हादसे
स्कूल तथा ट्यूशन वाहनों से जाने वाले नाबालिग वाहन चालक भी आए दिन हादसों को आमंत्रित करते हुए देखे जा सकते हैं। नियमों से अनजान ये नाबालिग भी वाहन पर दो से अधिक सवार होकर नगर में मनमाने अंदाज में वाहन दौड़ाते हैं।
अब मिलेगा ज्यादा मानदेय
- कुक कम हेल्पर को मिलेगी राहत
आबूरोड. जिले की सरकारी स्कूलों में लम्बे समय मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी, अब सरकार ने कुक को प्रति विद्यार्थी दी जाने वाली राशि को ५ प्रतिशत बढ़ाया है। इसके लिए मिड डे मील आयुक्त ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है। अब एक एक जनवरी 2019 से मिड डे मील में बढ़ी हुई राशि के अनुसार भुगतान होगा।
पहलीं से आठ़वी तक बच्चों को मिलता है पोषाहार
जिले की राजकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढऩे वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन विद्यालय में मिड-डे मील दोपहर का खाना दिया जाता है। हर विद्यालय को इसके लिए प्रति विद्यार्थी राशि आवंटित होती है। वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर प्रति विद्यार्थी चार रुपए 13 पैसे के हिसाब से भुगतान हो रहा है। वहीं उच्च प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों के लिए 6 रुपए 18 पैसे के हिसाब से भोजन पकाने की लागत (कुकिंग कन्वर्जन) का भुगतान होता है। यह राशि संबंधित संस्थाओं की जाती है।
जिले में इतने बच्चे होते है लाभान्वित
जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व मदरसों में कक्षा एक से आठ तक के 1 लाख १४ हजार २६ विद्यार्थी अध्ययनरत है। इसमें कक्षा से पांच तक ७५ हजार ३४२ तथा छठीं से आठवीं तक ३८ हजार ६८४ विद्यार्थियों को पोषाहार दिया जाता है।

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.