अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. पंचायती राज विभाग द्वारा की गई प्राथमिक शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती 2012 एवं 2013 के संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को काल्पनिक लाभ (नोशलन बेनीफिट) देने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिले के शिक्षा अधिकारियों पर नखरे करने का आरोप है। शिक्षक भर्ती 2012 एवं 2013 में चयनित अभ्यर्थियों के समान ही संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को काल्पनिक लाभ देने के लिए अभ्यर्थियों ने राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला देते हुए संशोधित अभ्यर्थियों को नोशनल बेनीफिट देने का आदेश दिए। लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक इन अभ्यर्थियों को लाभ नहीं दिया। इसलिए प्रदेशभर के कुछ अभ्यर्थियों ने निदेशालय बीकानेर, शासन सचिव पंचायत राज जयपुर, संबंधित जिले की स्थापना समिति के खिलाफ अवमानना याचिका लगा दी है, जिसकी सुनवाई 5 दिसंबर 2018 को है। इस डर के चलते लगभग 18 से 20 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को वर्ष 2012 एवं 2013 की मुख्य भर्ती में चयनोपरांत कार्यग्रहण की अंतिम तिथि को आधार मानकर नोशनल बेनिफिट/ स्थायीकरण व एरियर के रूप में आर्थिक लाभ (नियुक्ति तिथि से) जारी करने के आदेश दे दिए हैं। इस संबंध में शिक्षा निदेशक बीकानेर की ओर से आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारियों को अभ्यर्थियों के मामलों का निस्तारण करके उन्हें लाभ देने के निर्देश दिए।
राजसमंद जिले में जिलाशिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा का रिक्त है, जिसका अतिरिक्त भार जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के पास है। शिक्षकों का आरोप है कि हम बार-बार अधिकारियों को मामले के बारे में अवगत करा रहे हैं लेकिन विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा। जबकि विधिक शाखा, लेखा शाखा, संस्थापन शाखा द्वारा बीकानेर निदेशालय से मार्गदर्शन भी ले लिया गया है। फिर भी शिक्षकों को नोशनल लाभ देने के आदेश जारी नहीं किए गए। और मामले लम्बा खीचा जा रहा है। जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अभ्यर्थियों ने 30 नवम्बर को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मामले में शीघ्र आदेश जारी करने की गुहार की थी।
बात की है...
&मुझे भी जानकारी मिली है। जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक का अतिरिक्त भार, जिलाशिक्षाधिकारी माध्यमिक के पास है, वही प्रक्रिया पूरी करेंगे। फिर भी मैं पता करवाता हूं।
-युगल बिहारी दाधीच, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी, राजसमंद





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