करौली. राज्य में नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद भी करौली जिले में खाद का टोटा बना हुआ है। जिससे सैकड़ों बीघा जमीन की फसल बर्बाद हो रही है। करौली जिले में 1 लाख ७५ हजार हैक्टेयर में फसल की बुवाई की गई।
जिसमें से गेहूं की फसल की दूसरी बार सिंचाई की जानी है। गेहूं के लिए यूरिया खाद की तत्काल जरूरत है। लेकिन यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। सूत्रों ने बताया कि जिले में तीन हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है। इसके विपरित विभाग के मात्र ७०० टन ही खाद उपलब्ध है।
इस कारण खाद का आवंटन सभी दुकानों पर नहीं हुआ है। सपोटरा, करौली, टोडाभीम, मण्डरायल, नादौती तहसील क्षेत्र में यूरिया का अभाव है। किसान संघ के जिलाध्यक्ष मोहरसिंह मीना ने बताया कि अभी खाद नहीं मिला तो फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों की अनदेखी कर रहे हैं। जिससे किसानों की हालात पस्ता है।
।किसान चक्कर लगाने को मजबूर
जिले में खाद के अधिकतर होलसेल विक्रेता हिण्डौन सिटी में है। जिससे हिण्डौन सिटी तहसील की दुकानों पर खाद मिल रहा है। करौली, सपोटरा,मण्डरायल, टोडाभीम, नादौती क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के किसानों को खाद नहीं मिल रहा है किसान रोजाना खाद के लिए दुकानों पर चक्कर लगाने को मजबूर है।
लेकिन विक्रेता खाद उपलब्ध नहीं होने की कहकर टाल देते हैं। किसान संघ के संभाग उपाध्यक्ष गंगाराम निशाना ने बताया कि खाद की किल्लत की वजह से किसानों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानों के पास खाद का स्टॉक है, पर वे किसानों को महंगे दामों पर खाद बेच रहे हैं। किसानों से मनमाने दाम भी वसूल किए जा रहे हैं।
इस बारे में विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
।किसान चक्कर लगाने को मजबूर
जिले में खाद के अधिकतर होलसेल विक्रेता हिण्डौन सिटी में है। जिससे हिण्डौन सिटी तहसील की दुकानों पर खाद मिल रहा है। करौली, सपोटरा,मण्डरायल, टोडाभीम, नादौती क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के किसानों को खाद नहीं मिल रहा है
मांग भेज रखी है
तीन हजार मीट्रिक टन की तुलना में अभी ८०० मीट्रिक टन खाद है। खाद का आवंटन कराने के लिए सरकार को पत्र लिख दिया गया है। जल्द आवंटन होने की संभावना है।
बीड़ी शर्मा उपनिदेशक कृषि विस्तार करौली





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