करौली. सरकार की मंशा पर पूरी तरीके से खरा उतरूंगा। इसके अलावा गरीबों के लिए कलक्टर चैम्बर के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे तथा उनकी समस्याओं का तत्काल रूप से समाधान कराया जाएगा। यह कहना करौली के नए जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा का। पत्रिका से बातचीत में पहाडिय़ा ने बताया कि एक-एक जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी, फिर उनका लाभ जरूरतमंद को समय पर दिलाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने बताया कि फरियादी कलक्टर कक्ष में उनसे कभी भी मिलने आ सकते हैं। निर्धन तबके के लोगों को कलक्टर से मिलने का कतई इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस प्रकार की व्यवस्था की जाएगी।
२००६ में आईएएस बने थे पहाडिय़ा
जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा १९८९ में आरएएस अधिकारी बने थे। प्रथम नियुक्ति डूंगरपुर में विकास अधिकारी के पद पर हुई। वर्ष २००६ में सरकार ने उन्हें आईएएस पर पदोन्नत किया गया। वे सरकार के विभिन्न पदों पर रहने के बाद धौलपुर के जिला कलक्टर बने तथा अब करौली का कलक्टर नियुक्त किया गया है।
कुमार और गोयल को कमजोर पोस्टों पर लगाया
करौली के कलक्टर अभिमन्यु कुमार का स्थानान्तरण संयुक्त सचिव आयोजन विभाग जयपुर में किया गया है। इसके अलावा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव अग्रवाल का स्थानान्तरण जोधपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त के पद पर लगाया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने कलक्टर व सीईओ को कमजोर पोस्टों पर लगाया है। उल्लेखनीय है कि करौली के जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार का सपोटरा के विधायक रमेश मीना का विवाद चलता रहा है। चुनाव के समय रमेश मीना ने जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला कलक्टर पर उनके खिलाफ षडयंत्र रचकर गिरफ्तार करने की साजिश का आरोप लगाया था। चुनाव में रमेश मीना फिर से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि जिला कलक्टर का स्थानान्तरण होगा।
२००६ में आईएएस बने थे पहाडिय़ा
जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा १९८९ में आरएएस अधिकारी बने थे। प्रथम नियुक्ति डूंगरपुर में विकास अधिकारी के पद पर हुई। वर्ष २००६ में सरकार ने उन्हें आईएएस पर पदोन्नत किया गया। वे सरकार के विभिन्न पदों पर रहने के बाद धौलपुर के जिला कलक्टर बने तथा अब करौली का कलक्टर नियुक्त किया गया है।





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