केलवा. वेदों द्वारा स्थापित व्यवस्थाओं के माध्यम से हमें हमारा जीवन निर्वहन करते हुए हमारे जीवन मूल्यों की पुन: स्थापना करने की महत्ती आवश्यकता है।
यह विचार महंत ज्ञानानंद ने व्यक्त किए। वे 24 श्रेणी पालीवाल समाज सेवा समिति के सानिध्य में रविवार को आयोजित प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में व्यक्त किए। गायत्री मन्दिर प्रांगण में आयोजित समारेाह में मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा कि ब्राह्मण एक संस्कार है, ब्राह्मण युग निर्माता है, सम्पूर्ण समाज को संस्कारित करने की जिम्मेदारी ब्राह्मण समाज की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व संस्कार से सुंदर समाज का निर्माण होता है। समारोह के मुख्य अतिथि राजसमंद नगर परिषद सभापति सुरेशचंद्र पालीवाल थे। प्रारंभ में स्वागत सेवा समिति के उपाध्यक्ष भगवती लाल पालीवाल ने किया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे सेवा समिति के अध्यक्ष रामनारायण पालीवाल ने कहा कि शिक्षित युवा वह होता है जो देश का निर्माण करता है। बिना शिक्षित युवाओं के कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता और जो समाज शिक्षित युवाओं का सम्मान करता है वो बहुत आगे जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे बहुत से शिक्षक हैं, जिन्होंने अपना जीवन बच्चों को पढ़ाने में लगा दिया। हमें ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान करने का मौका मिला यह हमारे लिए गर्व की बात है। समारोह में नगर परिषद सभापति, उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण पालीवाल, मंत्री सत्यनारायण सालोर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में आठवीं, दसवीं, बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ ही सहशैक्षणिक गतिविधियों में अव्वल रहने वाली करीब 350 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सेवा समिति के प्रवक्ता शशिकांत महाकाली ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन गिरजाशंकर पालीवाल, राजेश जोशी, कमलेश जोशी, नीलेश ने किया।
समारोह में ये रहे मौजूद
समारोह में 24 श्रेणी पालीवाल समाज सेवा समिति खमनोर के संरक्षक देवकिशन, देवीलाल, चुन्नीलाल, तुलसीराम, गोपाल कटारा, रतनलाल, प्रकाश, जगदीश पालीवाल, युवा ब्रह्मशक्ति मेवाड़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पुरोहित उपस्थित थे।






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