गंगापुरसिटी . अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को हार्टकुल नेस संस्था से आए वरिष्ठ अध्यापक मुनेश चन्द, रूपनारायण, अशोक कुमार एवं गोपी सहाय ने छात्राओं को ध्यान करने का महत्व समझाया। डॉ. बी.एस. गोयल ने योग को ही जीवन का आधार बताया।
उन्होंंने छात्राओं को मैग्नेटिक पद्धति से इलाज कराने पर जोर दिया। रूपनारायण ने कहा कि जैसी हमारी सोच या वृत्ति होगी वैसी ही हमारी दृष्टि होती है। प्राचार्य बृजेन्द्र गुर्जर ने बताया कि गोपीनाथ ने स्वयंसेविकाओं को ध्यान कराकर तनाव से मुक्ति के बारे में समझाया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शी चतुर्वेदी ने बताया कि छात्राओं ने धूंधेश्वर पर श्रमदान किया।
इसी प्रकार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एनएसएस शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने परिसर में स्थित अम्बेडकर उद्यान, नालियों, बरामदों एवं अन्य स्थानों पर साफ-सफाई की। इसके बाद बौद्धिक परिचर्चा में प्रो. रामराज मीना ने कहा कि हम आस-पड़ोस एवं मौहल्ले में सफाई का ध्यान रखकर कई बीमारियों से बच सकते है। प्रो. गोपाललाल मीना ने छात्रों को लक्ष्य बनाकर उसे साधने की दिशा में कार्य करने को प्रेरित किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य रामकेश मीना, कार्यक्रम अधिकारी राकेश दुबे, डॉ. महेश कुमार गर्ग एवं उर्मिला मीना उपस्थित रहीं।
पॉलीथिन रोगों का घर
बामनवास . यहां राजकीय महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर के तहत मंगलवार को विद्यार्थी वार्ता ‘पॉलीथिन अभिशाप या वरदान’ विषय पर हुई। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त शिक्षाविद् एवं राजस्थान पेंशनर समाज उपशाखा के अध्यक्ष हरिप्रसाद मीना ने कहा कि पॉलीथिन से जितनी सुविधा हुई है, उससे कहीं अधिक इससे गंभीर समस्या पैदा हुई है। पॉलीथिन सड़ता-गलता नहीं है तथा जलाने पर भी हानिकारक गैस देता है।
इससे पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। आज बच्चे प्लास्टिक के खिलौनो से खेलते हैं, लेकिन वास्तव में ये वह खतरे से खेल रहे हैं। गोवंश भी इनकी वजह से काल का ग्रास बन रहा है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग छोडऩे का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम अधिकारी भीमसिंह मीना ने पॉलीथिन प्रयोग के संबंध में जानकारी दी। संचालन ज्योतिबा फूले ग्रुप की स्वंयसेविका नीलम एवं पूजा ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।





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