शहर से लगते पुराना औद्योगिक क्षेत्र ईटाराणा में रविवार देर शाम को एक फैक्ट्री के प्लांट से जहरीली गैस छोडऩे पर आसपास के लोगों की सांसें घुटने लगी। मिर्ची की तरह गैस की चटक से परेशान होकर फैक्ट्रियों से लोग बाहर आ गए। बाहर भी परेशानी कम नहीं हो सकी। करीब आधा घण्टे बाद जब गैस का असर कम हुआ तब वापस लोग फैक्ट्रियों में घुसे।
आयशर फैक्ट्री यूनियन के महामंत्री बीआर ठाकुर ने बताया कि उनके पास में विष्णु ब्रिक्स फैक्टरीज प्लांट है। जिसमें फायर ब्रिक्स बनती है। इस प्लांट से आए दिन जहरीली गैस छोड़ी जाती है। रविवार के दिन गैस अधिक बार छोड़ते हैं। जिसके कारण आयशर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को मुश्किल हो जाती है। गैस का असर इतना अधिक होता है कि मुंह पर रुमाल बांधना पड़ता है या फिर फैक्ट्री से बाहर आना पड़ता है। लेकिन बाहर आने के बाद भी राहत नहीं मिलती। रविवार को गैस का असर करीब आधा किलोमीटर दूर तक रहा। कई दूसरी फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने बताया कि इतना असर पहले कभी नहीं दिखा। फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के परिवारों में छोटे बच्चों को बहुत अधिक मुश्किल हो गई।
सांस लेने में दिक्कत
आयशर में काम करने वाले राजू कैंटीन प्रभारी, राजेन्द्र यादव, निहाल व रूप सिंह ने बताया कि आए दिन फैक्ट्री से जहरीली गैस छोड़ी जा रही है। जिसके कारण छोटे व बड़ों का दम घुटने लगता है। लगातार खांसी आती है। यह समस्या कम होने की बजाय दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
हमारे प्लांट में ईंट बनती हैं। इस प्लांट को बार-बार चालू नहीं करते। एक बार चालू करने के बाद प्लांट बंद ही नहीं होता है। इसलिए गैस हमारे यहां से नहीं छोड़ी जा रही है। यह भी कहा कि प्लांट जब चालू व बंद होता है जब जरूर धुआं रहता है।
अनिल यादव, प्लांट मैनेजर, विष्णु ब्रिक्स फैक्टरीज, पुराना औद्योगिक क्षेत्र अलवर





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