नई दिल्ली। अब अगर कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना का कोई भी सदस्य एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी क्योंकि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सूचना दी कि एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार व्यक्ति अब अपने कोष से पैसे निकाल सकेगा। इसकी अधिसूचना 6 दिसंबर को ही जारी की जा चुकी है। हालांकि इसकी घोषणा जून में ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की हुई मीटिंग के बाद ही कर दी गई थी। लेकिन अब सरकार ने इसे अधिसूचित किया है ताकि यह कानून बन सके।
कर्मचारियों के लिए ये खास प्रावधान
सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, ईपीएफ का सदस्य अपने खाते से शेष क्रेडिट का 75 फीसदी पैसा निकाल सकता है। लेकन उसके लिए ऐसा करना तभी संभव होगा अगर वो एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार है। खाते से निकाला गया पैसा नॉन-रिफंडेबल एडवांस होगा, जिसका अर्थ है कि सदस्य अपना खाता बंद करे बिना भी पैसा निकाल सकेगा और उसे वापस भी नहीं करना पड़ेगा।
ईपीएफ योजना 1952 में नहीं था ऐसा प्रावधान
ये काफी लोगों के लिए राहत भरी खबर होगी क्योंकि नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद वो अपने ईपीएफ पैसे का तीन-चौथाई हिस्सा निकाल सकेंगे। बता दें ईपीएफ योजना 1952 में इस तरह के प्रावधान नहीं थे। सभी योजनाएं केवल पूर्ण और अंतिम सेटलमेंट की अनुमति देती हैं। इससे सदस्य पूरी राशि निकालने पर बाध्य हो जाते हैं।
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