मॉडल व ब्रांड एम्बेसेडर पर भी लगेगा जुर्माना
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. देश में कही भी किसी भी विज्ञापन में अगर कोई मॉडल, सेलीब्रेटी, ब्रांड एम्बेसेटर या बड़ी हस्ती किसी उत्पाद का विज्ञापन करते है और वह उत्पाद गलत निकलता है तो उस मॉडल पर जनता को गुमराह करने पर मुकदमा चलाया जा सकता है। झालावाड़ में राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर जिला उपभोक्ता न्यायालय मंच के अध्यक्ष ईदुद्दीन ने यह बात पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी से कही। उन्होने पत्रिका के माध्यम से बताया कि जनता को जागरुक होकर अपने अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए। न्याय पालिका ने उपभोक्ता के अधिकारों के हितों के लिए विशेष प्रावधान बना रखे है। उन्होने बताया कि बड़ी बड़ी कम्पनियां अपने उत्पादों को बचने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाती है और बड़ी बड़ी हस्तियों के माध्यम से जनता के बीच अपने उत्पाद को पहुंचा देती है जबकि कई बार तो विज्ञापन करने वाली हस्ती उस उत्पाद को इस्तेमाल भी नही करती इसलिए अब उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2018 जो अभी तीन पहले ही पारित हुआ है इसके तहत जनता को उचित व अच्छी गुणवत्ता का सामान उपलब्धता के नाम पर गुमराह करने पर विज्ञापन में अपना चेहरा दिखाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी।
-उपभोक्ता मंच की जानकारी
उन्होने बताया कि जिला उपभोक्ता मंच में उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए माल व सामान के खराब आने पर 20 लाख रुपए तक का प्रतिवाद खराबी उत्पन्न के दो वर्ष तक प्रतिवाद पेश हो सकता है। 5 लाख रुपए की राशी के प्रतिवाद पर शुल्क नही लगता है। 5 से 10 लाख पर पोस्ट आर्डर आदि का 200 रुपए शुल्क, 10 से 20 लाख रुपए तक 400 रुपए शुल्क लगता है।
-यह है उपभोक्ता के अधिकार
उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष ने बताया कि उपभोक्ता के क्षतिपूर्ति का अधिकार, सुरक्षा, सूचना, शिक्षा, सुनवाई व चयन का अधिकार होते है। इन अधिकारों का हनन होने पर उपभोक्ता न्यायालय की शरण ले सकता है। जिले में अब उपभोक्ताओं में जागरुकता आने लगी है। जहां पहले 4-5 केस ही आ पाते थे वहीं अब करीब डेढ़ दर्जन केस आने लगे है। इस केस में मात्र तीन माह में ही फैसला हो जाता है।
-लगाते है जागरुकता शिविर
जिला उपभोक्ता मंच के सदस्य गिरीराज नागर ने बताया कि उपभोक्ताओं को जागरुक करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में स्थित विधिक सेवा समिति की ओर से समय समय पर शिविर लगाए जाते है। इन शिविरों में नागरिक उपभोक्ता अधिनियम, नशाबंदी व रोजमर्रा में काम आने वाले कानून की जानकारी भी दी जाती है। उन्हे दायित्व व अधिकार के साथ समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया जाता है।





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