दौसा. सुबह सूरज उगते ही जन-जन लोकतंत्र का उत्सव मनाने की तैयारियों में जुट गया। ऐसा माहौल दिखा कि हर कोई 7 दिसम्बर का इंतजार कर रहा था। उत्सव में शरीक होने के लिए बाकायदा नए कपड़े पहनकर सुबह आठ बजे से ही लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंच गए। इसके बाद सुबह, दोपहर व शाम होते-होते जन-जन की अंगुली पर लोकतंत्र की स्याही का रंग चढ़ गया। इस बार मतदान प्रतिशत 75.67 प्रतिशत रहा है। 75 प्रतिशत से अधिक मतदान होना भी लोकतंत्र में सुखद कहा जा सकता है।
जिले में मतदाताओं ने लोकतंत्र का उत्सव धूमधाम से मनाया। मतदाताओं में वोट डालने को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। महिलाओं व बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में भागीदारी निभाई। जिले में कुछ घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान हुआ। इस पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। महिलाओं में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। निर्वाचन विभाग की ओर से भी नवाचार कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की गई। महिला व आदर्श बूथों की सजावट देखकर मतदाता खुश दिखे। जिला निर्वाचन अधिकारी नरेशकुमार शर्मा व पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने भी बार-बार मतदान केन्द्रों का जायजा लेकर नजर रखी।
8 लाख 21 हजार 850 ने दी आहुति
जिले में मतदान में 10 लाख 81 हजार 809 मतदाताओं में से 8 लाख 21 हजार 850 मतदाताओं ने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाई। जिले की सभी पांचों सीटों का औसत 75.67 प्रतिशत मतदान रहा। जिले में सुबह 9 बजे तक 7.15 प्रतिशत औसत मतदान हुआ। 11 बजे मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 16.86 बढ़कर 24.008 प्रतिशत हो गया। 1 बजे 44.078 प्रतिशत, 3 बजे 62.644 तथा आखिर में 75.67 प्रतिशत मतदान हो गया।
इवीएम से लगा समय, कतारों में खड़े रहना पड़ा
दौसा. कई बूथों पर कतार में खड़े मतदाता मतदान दलों पर धीमी गति से मतदान कराने की शिकायत करते नजर आए। शहर व गांवों में अधिकतर जगह लोगों का कहना था कि एक-एक जने को वोट देने में काफी समय लग रहा है। मतदान दलों के कार्मिकों ने बताया कि पहली बार वीवीपैट का उपयोग किका गया है। इसलिए उसकी वजह से थोड़ा समय अतिरिक्त लग रहा है। वहीं कईजगह मशीन धीमी चलने की शिकायतें भी लोग करते नजर आए।
शिकायतों का अम्बार
कंट्रोलरूम पर दिनभर फर्जी शिकायतें आती रहीं। प्रत्याशियों के समर्थक फर्जी मतदान, कैप्चङ्क्षरग की शिकायतें दर्ज कराते रहे। जांच में एक भी सही नहीं मिली। डेढ़ दर्जन से अधिक मशीनों को लेकर भी शिकायतें आई।





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