नई दिल्ली। एक सब-कमिटी ने इंश्योरेंस रेग्युलेटर इरडा को सिफारिश की है कि गाड़ी का इंश्योरेंस प्रीमियम सेफ ड्राइविंग के आधार पर तय किया जाए। अगर इरडा इस सिफारिश को मान लेती है तो आने वाले समय में गाड़ियों का इंश्योरेंस प्रीमियम सेफ ड्राइविंग के आधार पर तय होगा।
कम चलने वाली गाड़ियों का कम इंश्योरेंस
मतलब गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए यह देखा जाएगा कि उसके कितने एक्सीडेंट हुए और वह कितनी चली है। कम चलने वाली गाड़ियों का इंश्योरेंस प्रीमियम भी कम होगा। जिसका कोई ऐक्सीडेंट नहीं हुआ होगा, उसे भी इंश्योरेंस प्रीमियम में कुछ छूट दी जाएगी। वहीं जिसकी गाड़ी ज्यादा चली होगी और जिसके ऐक्सीडेंट ज्यादा हुए होंगे, उसका इंश्योरेंस प्रीमियम ज्यादा रखा जाएगा।
इंश्योरेंस प्रीमियम में छूट से लोग होंगे प्रेरित
इस संदर्भ में कमिटी का कहना है कि भारत में लोग निजी वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर कार में एक आदमी होता है। इससे जहां सड़कों पर जाम लग रहा है, रोड ऐक्सीडेंट भी ज्यादा हो रहे हैं और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। ऐसे में इंश्योरेंस प्रीमियम में छूट लोगों को प्राइवेट गाड़ी कम इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगी।





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