उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि साइबर प्रौद्योगिकी राष्ट्रद्रोहियों का एक बड़ा व नया हथियार है, इसलिए खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को नए उपकरण व उन्नत प्रौद्योगिकियों की जरूरत है। नायडू केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कादरपुर अकादमी में सीधे नियुक्त अधिकारियों के 50वें बैच के दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस बैच में कुल 48 अधिकारी हैं, जिसमें चार महिलाएं शामिल हैं।
नायडू ने कहा कि आतंकवादी, नक्सली और दूसरी राष्ट्रद्रोही ताकतें 'हवाला' के जरिए धन प्राप्त कर रही हैं। आतंकवाद व दूसरे खतरों से निपटने में सीआरपीएफ कर्मियों की भूमिका को गौरवशाली बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को देश के लिए लडऩे वालों के लिए और सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर देना चाहिए।
नायडू ने बलों में खाली पदों को भरे जाने की जरूरत को भी रेखांकित किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीआरपीएफ दुनिया की सबसे बड़ा सशस्त्र अद्र्धसैनिक बल है। इस मौके पर नायडू ने कर्मियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया। सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर, मौजूदा समय में अकादमी का नेतृत्व कर रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहे।





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