घाणेराव। श्रीओसवाल श्रीसंघ घाणेराव द्वारा संचालित पांजरापोल गौशाला में गायों को आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। इन सुविधाओं को जुटाने में भामाशाहों ने पिछले दो वर्षों में दस करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। इसके कारण गौशाला में पशुओं की संख्या में भी भारी बढोतरी हुई है। वहीं गोशाला संचालक द्वारा गोशाला भूमि पर ही पशुओं के लिए पिछले दो वर्षो से हरी घास सहित चारे की पैदावर की जा रही है। वहीं घाणेराव के जैन समाज के भामाशाहों द्वारा लगातार गोशाला विकास में सहयोग किया जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि घाणेराव श्रीओसवाल जैन संघ पेढी द्वारा गांव से करीब पांच किलोमीटर दूरी पर स्थित पांजरापोल गौशाला का वर्षो से संचालन किया जा रहा है। इस गौशाला के विकास में गोडवाड़ के भामाशाह कनकराज लोढ़ा का मुख्य योगदान रहा है। करीब एक हजार बीघा भूमि में फैली इस गौशाला में चारों तरफ छोटी कांटेदार झाडिय़ां मौजूद होने के कारण पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिल पाता था। ऐसे में श्रीओसवाल संघ घाणंराव ने इस गौशाला को आधुनिक गौशाला बनाने का निर्णय करते हुए 2014 में इसकी जिम्मेदारी गोशाला अध्यक्ष जितेन्द्र पुनमिया, संदीप कांठेर उपाध्यक्ष प्रवीण परमार सचिव सदस्यों को दी। इसके बाद गोशाला में पशुओं को बरसात, सर्दी व गर्मी से बचाने के लिए आठ रोड़ की लागत से बडे-बडे दस शेड का निर्माण करवाया गया।
इसमें पशुओं को आधुनिक सुविधा, जिसमें मलमूत्र के लिए बकायदा शेड में नाली का निर्माण किया गया। इसके बाद गायों का मलमूत्र एकत्रित होकर बाहर आ जाता है। वहीं पशुओं के लिए पानी पीने के हौद को बडी टंकी से भरा जाता है। एक घंटे के लिए पशुओं को शेड से बाहर निकाला जाता है। गोशाला में मौजूद पशुओं के लिए संचालक सदस्यों को बाहर से घास खरीदनी पड़ती थी। इसके कारण लाखों रुपए हर वर्ष घास पर खर्च हो जाते थे। ऐसे में गोशाला संचालक पदाधिकारियों व सदस्यों ने पशुओं के लिए चारा यहीं भूमि पर तैयार करने का निर्णय किया। इसके के बाद भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए दो करोड़ के करीब राशि खर्च हो गई। आज इस गौशाला क ी भूमि पर पशुओं के खाने के लिए चारा तैयार किया जा रहा है। पशुओं की सुरक्षा को लेकर गौशाला प्रांगण में 32 सीसी टीवी कैमरे लगे हुए हैं। वर्तमान में श्रीपांजरापोल गोशाला में छोटे-बड़े 600 पशु मौजूद हैं।
आधुनिक गोशाला बनाना लक्ष्य
श्रीओसवाल संघ का मु य उद्देश्य इस गोशाला को आधुनिक सुविधा से लैस करना है। पशुओं को इस गोशाला में बेहतर सुविधा देने के प्रबंध किए गए हैं। -प्रवीण एस. परमार, सचिव, श्रीपांजरापेाल गौशाला, घाणेराव





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