जयपुर/ नई दिल्ली।
राजस्थान में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के बीच कांग्रेस पार्टी को ज़बरदस्त झटका देने वाली खबर भी सामने आई। दरअसल, ये खबर दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से सुनाये गए फैसले को लेकर रही। अदालत ने सिख विरोधी दंगों के मामलों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने सोमवार को सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और साजिश रचने का दोषी करार दिया और इसके लिए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। सज्जन कुमार को निचली अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया था जिसके खिलाफ पीड़ित पक्ष तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।
कांग्रेस नेता के उम्रकैद का फैसला तब सामने आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत विभिन्न दलों के नेता जयपुर में महागठबंधन की शक्ति प्रदर्शित कर रहे थे।
Delhi High Court convicted Congress leader sajjan kumar in a case related to the 1984 anti-Sikh riots and sentenced him to life imprisonment
— ANI Digital (@ani_digital) December 17, 2018
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2013 में निचली अदालत में चुनौती दी थी
पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर,सेवानिवृत्त नौसैन्य अधिकारी कैप्टन भागमल,गिरधारी लाल और दो अन्य को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों की हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने इस मामले में सज्जन कुमार को बरी किया था, लेकिन खोखर, भागमल और लाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जबकि पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर को तीन—तीन साल के कारावास का दंड दिया गया। दोषियों ने मई 2013 में आए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। सीबीआई ने भी अपील दायर करते हुए आरोप लगाया था कि वे ‘सुनियोजित सांप्रदायिक दंगे कराने में संलिप्त थे। एजेंसी और पीड़ितों ने कुमार को बरी किये जाने के खिलाफ भी अपील दायर की थी।





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