हेमंत आमेटा/ शंकर पटेल/ उदयपुर. वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत फीला का 80 घरों वाला राजस्व गांव जमून आजादी के बाद आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। हर बार चुनाव में नेताजी आते हैंं और विकास के वादे करते हैंं लेकिन जीत जाने के बाद इन लोगेां की उम्मीदों पर कभी खरा नहीं उतरते हैंं। इस की हकीकत जानने के लिए पत्रिका टीम वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांव जमून पहुंची आैै जानी समस्या-
सबसे पहले हम बम्बोरा से तीन किमी दूर आगे भेरूजी घाटी से कच्ची और उबड़़ - खाबड़़ डगर से होते हुए जमून गांव पहुंचे जहां ग्रामीणों से मिले और उन्हें चुनाव और समस्याओं के बारे में चर्चा शुरू की । यहां गांव में उम्रदराज कन्नाराम मीणा ने बताया कि हम हर वक्त लोकतंत्र के बडे़ उत्सव चुनाव में अपनी भागीदारी निभाते हुये जनप्रतिनिधि चुनते आये हैंं लेकिन हमारी उम्मीदों पर कोई भी जनप्रतिनिधि खरा नहीं उतरा है। हमारी समस्या का समाधान आज दिन तक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मेन रोड से गांव तक पक्की सडक नहीं बन पाई जिससे मार्ग से आने जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़़ता है। बारिश के दिनों में कोई बीमार हो जाये तो वाहन तक गांव में नहीं पहुंचता है जिससे बीमार या प्रसूता को खाट पर लेटाकर मेन रोड तक लाया जाता है। वगतु बाई ने बताया कि नेता चुनाव में वोट लेने आये और गांव व स्कूल में पानी के लिये टयूबवेल लगवाने का वादा किया लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ जिससे दूर दूर से पानी लाना पड़़ता है। जीतने के बाद कोई कोई मुड़़कर नहीं देखता। केसीबाई ने बताया कि सरकार की ओर से मिलने वाला लाभ में मकान नहीं मिला जिससे अभी भी कच्चे मकान में रह रहे हैंं। इसके अलावा प्रमुुखतया से सड़़क व पानी की समस्या भी बताई।





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