चुनावी घोषणा पत्र में इस बार नहीं है तेल से विकास को लेकर बड़ा वादा, रिफाइनरी पर तो है ध्यान, लेकिन बाड़मेर के विकास पर नहीं हुई बात
चुनाव में प्रत्याशी बताएं, कैसे दुबई बनेगा बाड़मेर
रतन दवे
बाड़मेर . तेल और गैस के खजाने बाड़मेर के दुबई बनने का सपना 2005 में दिखाया गया जब 2018 आ गया लेकिन बाड़मेर के दुबई बनने की तस्वीर अभी तक सामने नहीं है। कमजोर राजनीतिक पैरवी और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में यहां के लिए बनी सारी योजनाएं अटक कर रह गई। तेल निकला तो रिफाइनरी को लेकर खींचतान हुई। 2013 में शिलान्यास और 2018 में कार्य शुभारंभ के दो कार्यक्रम हो चुके हैं लेकिन रिफाइनरी अभी 2021 में बनने का वादा हो रहा है। दोनों ही मुख्य दलों ने इस बार तेल-गैस और बाड़मेर विकास को लेकर बड़ा वादा घोषणा पत्र में नहीं किया है।
एेसे बढ़ा तेल का सफर
2004 में देश की पहली बड़ी खोज मंगला हुई
तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा- बाड़मेर दुबई बनेगा
2005 में भाग्यम् और विजया 2 बड़ी तेल की खोज सामने आई
तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि बाड़मेर में रिफाइनरी लग सकती है
2009 में बाड़मेर में तेल का उत्पादन प्रारंभ
तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहनङ्क्षसह ने कहा कि बाड़मेर देश की तस्वीर और तकदीर बदलेगा
2013 पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास
कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि बाड़मेर देश का भविष्य है
16 जनवरी 2018 पचपदरा में रिफानइरी का कार्य शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तेल का खजाना बाड़मेर की ताकत है, रेगिस्तान से कच्छ तक विकास नजर आएगा
क्या आया है अब
तक परिवर्तन
2006 से 2013 तक तेल क्षेत्र में बूम रहने से लोगांे को रोजगार मिला
40 से अधिक होटल बाड़मेर शहर में बने और बाजार में मॉल संस्कृति आई
2000 से अधिक चार पहिया वाहन लोगों ने तेल कंपनियों में काम को खरीदे
20 गुणा से अधिक बढ़े जमीनों के दाम और बंपर हुई खरीद फरोख्त
40 से अधिक बैंक बाड़मेर में आए और होने लगा यहां निवेश
यों खिसकता गया दुबई बनने का सपना
2006 में बाड़मेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में पेट्रो केमिकल विषय शुरू करने की घोषणा लेकिन पूरी नहीं हुई।
2015 के बजट भाषण में स्टे्रटेजिक क्रूड स्टोरेज फेसेलिटी (क्रूड स्टोरेज रिजर्व वायर) बीकानेर में खोलने की घोषणा
2016 पेट्रो केमिकल युनिवॢसटी जोधपुर में स्थापित करने की घोषणा
2016 रिफाइनरी का कार्यालय जोधपुर में खोलने की घोषणा
इन पर अब तक कोई निर्णय नहीं
रिफाइनरी बायो प्रोडक्ट्स कारखाने
स्किल डवलपमेंट हब
एज्यूकेशन हब
पेट्रोकेमिकल हब
हवाईसेवा
रेल सेवा का विस्तार
नेटवर्क कनेक्टिविटी
दुबई - समंदर और बंदरगाह
दुबई की जान उसका समंदर और बंदरगाह है। इनसे परिवहन होने के साथ ही दुबई की खूबसूरती को भी चार चांद लगते हैं।
बाड़मेर- बाड़मेर में सूखा बंदरगाह की योजना बनाई गई है। कच्छ के रण से बाड़मेर तक सूखा बंदरगाह बनता है तो राजस्थान में पर्यटन व परिवहन का बड़ा व्यावसायिक केन्द्र होगा।
दुबई- दुबई बड़ी इमारतों का शहर है जहां बुर्जु खलीफा जैसी बड़ी इमारतें हैं जिनको देखने के लिए ही लोग दुनिया भर से पहुंचते हैं।
बाड़मेर- यहां रेगिस्तान के इलाके में जोधपुर से लगता हुआ इलाका रिफाइनरी की तरफ आगे बढ़ेगा। यहां पर्यटन विकास को लेकर इस तरह की हट और निर्माण करवाए जा सकते हैं।
दुबई- तेल के राजस्व के एक बड़े हिस्से को दुबई शहर के विकास पर व्यय करना तय है और इसके लिए राज परिवारों की ओर से कर और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।
बाड़मेर- बाड़मेर के तेल से अभी 15 करोड़ रुपए प्रतिदिन राज्य सरकार और 35 करोड़ रुपए प्रतिदिन केन्द्र सरकार को मिल रहा है। 2021 में करीब 100 करोड़ राज्य सरकार और 300 करोड़ केन्द्र सरकार को बाड़मेर के तेल से प्रतिदिन मिलेगा। इसका एक हिस्सा बाड़मेर के विकास के लिए तय हो जाना चाहिए। इसके अलावा भी बाड़मेर के विकास पर राशि दें तो बाड़मेर को दुबई बनते देर नहीं लगेगी।
दुबई- पार्क और सुविधाओं ने 123 देशों के लोगांे को बनाया दुबई का निवासी
बाड़मेर- रेगिस्तान के इस इलाके में तेल, गैस, कोयला और रेअर अर्थ के खजाने हैं। लगभग 28 हजार वर्ग किमी में बाड़मेर जिला फैला है। डेजर्ट नेशनल पार्क भी इसी इलाके में है। बॉर्डर टूरिज्म, पेट्रो केमिकल टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन की विपुल संभावनाएं हैं। यहां सुविधाओं का विस्तार बाड़मेर का कायाकल्प कर सकता है।
दुबई- पर्यटन
विश्व में सातवें नंबर दुबई है जहां विश्वभर से पर्यटक आते हैं। पर्यटकों की सुविधार्थ यहां होटल, मॉल और अन्य सुविधाएं हैं।
बाड़मेर- बाड़मेर के निकट जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर तीनों पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन तीनों को जोड़कर पर्यटन का मुख्य स्थल बनाया जा सकता है।
दुबई- स्वच्छता में दुबई दुनिया भर में मिसाल है। यहां कचरे को फारस की खाड़ी की तरफ डाला जाता है और सीवरेज सिस्टम भी उम्दा है। एक तिनका भी उड़ता हुए मिलना तौहीन समझा जाता है।
बाड़मेर- रेगिस्तान का बड़ा इलाका है। यहां बाड़मेर व बालोतरा शहर में इसी तर्ज पर कचरा उठाने और धार्मिक महत्व के पर्यटन स्थलों को उदाहरण बनाया जा सकता है।
एक्सपर्ट व्यू... सुरेंद्र शर्मा, इंवेंट मैनेजर एवं दुबई प्रवासी
&प्रतिदिन पचास करोड़ रुपए कम नहीं होते। 2009 से अब तक 50 हजार करोड़ रुपए राज्य व 100 हजार करोड़ रुपए केन्द्र को बाड़मेर दे चुका है। खनिज नियमों में छोटे खनिज में तो एक प्रतिशत संबंधित गांव की भी रॉयल्टी है लेकिन मुख्य खनिज में एेसा नहीं है। पॉलिसी केन्द्र और राज्य तय करेगी तभी बाड़मेर दुबई बनेगा। तेल के इस खजाने को दुबई बनाने के लिए क्या-क्या हो सकता है इसका एक मैप तैयार किया जाए। जोधपुर से पचपदरा तक मेट्रो रेल चले जो नाकोड़ा, जसोल, आसोतरा को भी जोड़े। हवाई सेवा से जैसलमेर जुड़ गया है तो फिर बाड़मेर में भी यह सुविधा शीघ्र हो। बाड़मेर से पचपदरा के बीच में किस तरह औद्योगिक विकास होगा इसकी तस्वीर की घोषणा करें। तेल का खजाना बायतु में मिला है तो बायतु से पचपदरा तक कौनसे औद्योगिकक्षेत्र होंगे इसका खुलासा हो। बाड़मेर व बालोतरा शहर के विकास की तस्वीर सामने आनी चाहिए। बाड़मेर को दुबई बनाने की बातें तो जरूर हो रहीं हैं पर ये सामने लाया जाए कि बाड़मेर दुबई कैसे बनेगा?





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