मो. इलियास/उदयपुर . सरकारी पद पर रहते हुए अवैध रूप से करोड़ों की आय अर्जित करने वाले दो वन अधिकारी भाइयों को एसीबी न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सात व पांच साल की कैद की सजा सुनाई। 18 साल बाद आए अलग-अलग फैसलों में न्यायालय ने दोनों भाइयों पर 1.01 करोड़ व 20 लाख का जुर्माना भी लगाया जिसकी वसूली नहीं होने पर न्यायालय ने जिला कलक्टर व एसीबी एसपी को उनकी पत्नियों के नाम दर्ज सम्पत्ति कुर्क करने के आदेश दिए। इस अहम फैसले में विशेष न्यायाधीश सेशन न्यायालय (भ्रष्टाचार निरोधक मामलात) के पीठासीन अधिकारी गोपाल बिजोरीवाल ने कड़ी टिप्पणी करते हुए दोनों भाइयों के यहां से बरामद हुई करोड़ों रुपए की आय से अधिक सम्पत्ति को जब्त कर राजसात में जमा करने के आदेश दिए। न्यायालय ने यह निर्णय धरियावद स्थित सीतामाता वन्य जीव अभयारण्य के सहायक वन संरक्षक तलावदा, डूूंूंगला निवासी भैरू सिंह पुत्र हमीर सिंह झाला व उनके भाई प्रतापसिंह झाला के मामले में दिए। एसीबी उदयपुर की टीम ने वर्ष 1996 में भैरूसिंह के तलावदा व उदयपुर में दुर्गा नर्सरी आवास पर 75 लाख 63 हजार 195 रुपए की नकदी व ज्वैलरी सहित कुल एक करोड़ 37 लाख 96 हजार 286 रुपए की संपत्ति बरामद की थी। इनमें से ब्यूरो ने वर्ष 1980 से लेकर 1996 तक भैरूसिंह के राजकीय सेवा में कमाए वेतन 8 लाख 7,100 रुपए घटाकर कुल 1 करोड़ 29 लाख 89 हजार 186 रुपए आय अवैध मानी। इसी तरह प्रतापसिंह के यहां पर 30 लाख 9,451 रुपए की संपत्ति में से 7 लाख 41 हजार 672 रुपए राजकीय वेतन के अलावा 22 लाख 67 हजार 779 रुपए आय से अधिक संपत्ति मानी। इन सम्पत्तियों के बारे में दोनों भाई कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके और ना ही कोई साक्ष्य पेश कर पाए। लोक अभियोजक गणेश शंकर तिवारी ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए।





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