बाड़मेर. शहर के जालीपा रोड स्थित निमार्णाधीन मेडिकल कॉलेज में चल रहे कार्य के दौरान शुक्रवार को चौथी मंजिल पर काम कर रहे श्रमिक की गिरने से मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद मृतक के परिजनों व मुस्लिम समाज के लोगों ने ठेकेदार की लापरवाही बताते हुए शव को उठाने से इंकार कर दिया। देर शाम को प्रशासन , कार्यरत कम्पनी व परिजनों के साथ वार्ता हुई । मुआवजे के बाद सहमति बनी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में चौथी मंजिल कर काम कर रहे थोब निवासी चांदे खान उर्फ समदे खां 22 वर्ष पुत्र रहमान खान जाति तेली कार्य कर रहा था। इस दौरान पैर फिसलने से श्रमिक नीचे गिर गया जिससे श्रमिक की मौत हो गई। साथ काम कर रहे मजदूरों ने श्रमिक को अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लापरवाही का आरोप
घटना की जानकारी मिलने पर मुस्लिम समाज के साथ अन्य समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कोई प्रबंध नहीं है। लापरवाही के चलते श्रमिक की मौत हुई है। उन्होने 25 लाख मुआवजा, मृतक आश्रित को नौकरी सहित अन्य मागों को लेकर विरोध जताया। ऐसे में देर शाम तक वार्ता चलती रही।
शाम को बनी सहमति
मृतक परिवार के विरोध के चलते शाम के समय जिला प्रशासन व कम्पनी प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद 10 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
पुलिस जाप्ता रहा मौजूद
घटना के दौरान चले विरोध प्रदर्शन के दौरान उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल मेगवाल, पुलिस उपाधीक्षक भंवरलाल सिरवी, ग्रामीण थाना पुलिस एएसआइ आदरनाथ, कांस्टेबल मोहनलाल मय जाप्ता मौके पर मौजूद रहे। वहीं मोर्चरी परिसर में 250- 300 लोग मौजूद रहे।
श्रमिकों के नहीं सुरक्षा उपकरण
मेडिकल कॉलेज में नीला इंफ्रा स्ट्रैक् चर कम्पनी की ओर से काम चल रहा है। कम्पनी की ओर से श्रमिकों के सुरक्षा को लेकर कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में श्रमिकों की जान को हरदम खतरा बना रहता है। कम्पनी की ओर से कर्मचारियों के लिए सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट, जूते सहित अन्य उपकरण नहीं दिए गए है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।





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