नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास हो गया। पक्ष में 165 वोट डाले गए। वहीं 7 वोट इसके विरोध में पड़े। इससे पहले राज्यसभा में आरक्षण बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। लेकिन यह प्रस्ताव खारिज हो गया। बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के समर्थन में 18 वोट पड़े जबकि इस प्रस्ताव के खिलाफ 155 सांसदों ने वोट किया। इस बिल को अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
Rajya Sabha passes the Constitution (124th Amendment) Bill, 2019 with 165 'ayes'. The bill will provide reservation for economically weaker section of the society. pic.twitter.com/JFLlIfwjOk
— ANI (@ANI) January 9, 2019
पीएम मोदी ने खुशी जताई
राज्यसभा से बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि राज्यसभा से बिल पास होने के बाद बेहद खुश हूं। यह सामाजिक न्याय की जीत है। पीएम मोदी ने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
Prime Minister Narendra Modi: Passage of The Constitution (124th Amendment) Bill, 2019 in both Houses of Parliament is a victory for social justice. It ensures a wider canvas for our Yuva Shakti to showcase their prowess and contribute towards India’s transformation. (file pic) pic.twitter.com/x1VmKPky5N
— ANI (@ANI) January 9, 2019
बिल पास होते ही राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गई।
कांग्रेस-सपा ने किया समर्थन
बिल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने पेश किया। लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हुआ। इससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। मंगलवार को लोकसभा से आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को आरक्षण मिलने का बिल पास किया। SP-कांग्रेस ने बिल लाने की टाइमिंग पर सवाल उठाए। एसपी-कांग्रेस ने बिल का समर्थन किया।
Voting on amendments going on for the Constitution (124th Amendment) Bill, 2019 in Rajya Sabha. pic.twitter.com/LV1RM2R87p
— ANI (@ANI) January 9, 2019
LIVE UPDATES-
राज्यसभा में थावर चंद गहलोत का बयान
नरेंद्र मोदी यह विधेयक अच्छे मन से, सच्चे मन से सामान्य तबके के गरीबों के लिए लेकर आ रहे हैं
समर्थन करने वाले को धन्यवाद
सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला सही-अठावले
राज्यसभा में रामविलास पासवान बोले-
लोकसभा में विरोध में सिर्फ 3 वोट पड़े
राज्यसभा में बिल का विरोध क्यों?
सभी सांसदों से बिल को समर्थन करने की अपील
ये बहुत ऐतिहासिक क्षण है
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल का बयान
सरकार को बिल लाने की क्या जल्दी थी
ये बिल सुझावों के साथ आता तो अच्छा होता
एक दिन में संविधान संशोधन उचित नहीं
बिल की राह में कई रोड़े
सरकार ने 5 एकड़ पर कोई आंकड़े जुटाए हैं
सरकार के पास पांच साल का समय था
आरक्षण नहीं नौकरियां चाहिए
जिन SC-ST OBC को नौकरी नहीं मिली उनका क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक आधार को असंवैधानिक कहा
आरक्षण खत्म करेगी सरकार-आप
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि इस बिल के तहत सरकार ने गरीब सवर्णों को धोखा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजधानी में बैठने वाले लोग दलित विरोध हैं और वहीं से इस बिल का दस्तावेज आया है। नागपुर के प्रमुख यह बोल चुके हैं कि आरक्षण खत्म होना चाहिए और दलितों को आरक्षण को खत्म करने की मंशा के साथ यह बिल लाया गया है।
Sanjay Singh, AAP in Rajya Sabha on #QuotaBill: This is a historic moment, if this bill is passed today, then in the coming days, RSS, which couldn’t make a single Dalit their chief in 90 years, will end the reservation for Dalits and backwards. pic.twitter.com/kXDntgoKyW
— ANI (@ANI) January 9, 2019
कांग्रेस ने टाइमिंग पर उठाए सवाल
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि आप की सोच (भाजपा) तो आरक्षण के पक्ष में नहीं है। आप के बड़े नेताओं ने आरक्षण की सोच का विरोध किया। इस विषय में देश में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। नौजवान आप से हिसाब मांगेगा। सरकार राजनीति कर रही है। अगर आपने अच्छे दिन दे दिए होते तो यह बिल कभी ना लाते। आपकी सरकार ने देश के नौजवान और किसानों के साथ वादाखिलाफी की। शर्मा ने कहा कि after high tide there is low tide। हमारा विश्वास प्रजातंत्र में है। हम आरक्षण का समर्थन करते हैं। क्या बात हुई ऐसी जो एकदम से बिल को लाया गया। आनंद शर्मा ने राज्यसभा में राहुल गांधी का नाम लेने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दूसरे सदन के सदस्य की आलोचना राज्यसभा में नहीं हो सकती।
सपा नेता का बयान
समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने भी सरकार के बिल लाने की टाइमिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस बिल का निशाना 2019 का चुनाव है। अगर आप के दिल में ईमानदारी होती तो यह बिल दो-चार साल पहले आ सकता था। इससे लोगों को फायदा मिलता।
राजद ने बिल का किया विरोध
- आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि यह मध्य रात्रि की डकैती है और हम इस बिल का विरोध करते हैं. ओबीसी और एससी की आबादी पर चुप्पी है और संविधान के बुनियादी ढांचे के साथ छेड़छाड़ हो रही है।
- कनिमोझी ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा के बगैर इस बिल पर चर्चा नहीं की जा सकती।
राज्यसभा में बिल पेश
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि यह बिल आर्थिक आधार पर आरक्षण देगा। बिल पास होने से अमीरी और गरीबी के बीच खाई कम होगी। थावर चंद गहलोत ने बिल के बारे में बताते हुए कहा कि इस बिल से लाखों-करोड़ों सामान्य वर्ग के गरीबों का सशक्तिकरण होगा और विचार-विमर्श के बाद ही यह बिल लाने का फैसला लिया है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस की मंशा पर उठाए सवाल
- बीजेपी के सांसद प्रभात झा ने बिल पर कहा कि लोकसभा से इस बिल को एक सुर में पास किया गया है और उम्मीद है कि राज्यसभा से भी यह बिल पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सामान्य वर्ग के लोगों के आरक्षण मिलने जा रहा है जिसकी मांग कई साल से की जा रही थी। प्रभात झा ने बिल पर बोलते हुए कहा कि बिल से देश की 95% लोगों को लाभ होगा, क्या पीएम मोदी 95% लोगों की आवाज नहीं सुनते। सिर्फ 5 % परिवार ही आरक्षण बिल के दायरे से बाहर होंगे। यह बिल नहीं युवाओं की भावना की आवाज है। कांग्रेस आज उदार राजनीति का उदारण पेश करे। कांग्रेस दिल बड़ा करे।
विपक्ष का हंगामा
बुधवार को संसद के उच्च सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष हंगामा शुरू कर दिया। शीतकालीन सत्र को एक दिन बढ़ाए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया।





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