अलवर. राजस्थान विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरु हो रही हैं जबकि हमारे राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की कोई तैयारी नहीं है। इस लापरवाही से युवा विधार्थियों के साथ उनके अभिभावकों की भी घबराहट बढ़ गई है। मई में लोकसभा चुनाव होने के बावजूद परीक्षा इस बार जल्दी होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। अपने मत्स्य विश्वविद्यालय के नाम पर युवाओं से छलावा किया गया है। विश्वविद्यालय की लेटलतीफी इस कदर है कि अभी तक स्नातक पुनर्मूल्यांकन के परिणाम ही जारी नहीं किए हैं। अब जिन विद्याथियों के पुनर्मूल्यांकन के परिणाम ही नहीं आए हैं, वे कौन सी कक्षा की तैयारी करें , इसको लेकर असंमजस बना हुआ है।
अब एक माह बाद परीक्षा प्रारम्भ होनी है, ऐसे में यदि उन्हें स्नातक द्वितीय वर्ष की तैयारी करनी पड़ी तो वे किस प्रकार इतने बड़े कोर्स की तैयारी कर पाएंगे, इसका जवाब विश्वविद्यालय के किसी जिम्मेदार अधिकारी के पास जवाब तक नहीं है। इस बार राज्य के सभी विश्वविद्यालय अपने निर्धारित समय से पहले ही वार्षिक परीक्षाएं करा रहे हैं जबकि मत्स्य विश्वविद्यालय ने अभी तक परीक्षा फार्म तक नहीं भरवाए हैं। इससे विधार्थी असमंजस में हैं।
कांग्रेसी मौन, आवाज तक नहीं उठा रहे
राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में हो रही अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस तथा उसके अग्रिम संगठन उठाते रहे हैं। अब कांग्रेस के जन प्रतिनधि व जिम्मेवार पदाधिकारियो को कोई परवाह तक नहीं है। इन्होंने सरकार तक इस मामले को उठाया तक नहीं है। पूर्व में यहां भर्ती में हुई अनियमितताओं के मामले को नहीं उठाया जा रहा है। जन प्रतिनिधियों के इस रवैये से युवाओं में निराशा है।
किसी की अंकतालिका नहीं, पुनर्मूल्यांकन का परिणाम तक नहीं
राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय भारी अव्यवस्थाओं के मध्य से गुजर रहा है। हालात इस कदर खराब हैं कि पिछले साल उत्तीर्ण होने वाले बहुत से विधार्थियों को अब तक अंकतालिका नहीं मिली है। बहुत से विधार्थियों के परिणाम को कई माह पहले रोका गया था जिसे अभी तक तो जारी नहीं किया गया है। यहां की अव्यवस्थाओं से परेशान विधार्थी अन्य विश्वविद्यालयों से परीक्षा दे रहे हैं।





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