भीलवाड़ा।
शहर के प्रतापनगर सीनियर सैकण्डरी स्कूल के मैदान में चौदह साल पहले एक बच्चे को हॉकी स्टिक देकर खेल के गुर सिखाना शुरू किया था। आज इतने बच्चे हॉकी के गुर सीखने आने लगे हैं कि मैदान छोटा पड़ जाता है। जी हां, भीलवाड़ा में म्यूजिक शॉप संचालक अजीत जैन की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के बदौलत शहर ने प्रदेश और देश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी दिए है। वे जिले में हॉकी गुरु माने जाते हैं। व्यवसाय की व्यस्तता के बावजूद जैन मैदान पर बच्चों के साथ जमकर पसीना बहाते हैं।
जैन ने शहर में अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर हॉकी के लिए बच्चों और युवाओं में ऐसा माहौल बनाया कि आज पूरे देश में भीलवाड़ा की अलग पहचान बन गई। वे शहर में क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव से खासे चिंतित थे। ऐसे में उन्होंने हॉकी को स्थापित करने की ठानी और आपस में सहयोग कर मेजर ध्यानचन्द हॉकी क्लब का गठन किया। वर्ष २००४ में प्रतापनगर स्कूल के मैदान में एक बच्चे को हॉकी का प्रशिक्षण देना शुरू किया। कुछ और बच्चे आने लगे। उनके लिए सुविधाएं जुटाई तो बच्चों की संख्या बढ़ने लगी।
सुविधाओं के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो कपड़ा व्यवसायी गोपालराज पारीक, रेडिमेड व्यवसायी उमेश आसनानी, शारीरिक शिक्षक यशपालसिंह नीमझर और सेना से सेवानिवृत्त मुकुंदकुमार नेपाली आगे आए। सभी ने मिलकर पुर रोड स्थित आइटीआइ मैदान से हॉकी को नई दिशा दी।
समय के साथ ही टीम से जुड़े सदस्यों ने भीलवाड़ा हॉकी अकादमी के नाम से प्रतापनगर स्कूल मैदान और हॉकी मेवाड़ के नाम से महावीर स्कूल मैदान पर भी बच्चों को हॉकी सिखाना शुरू कर दिया। आज शहर के तीनों मैदानों पर सैकड़ों बच्चे हॉकी खेल रहे हैं। अब तक दर्जनों प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। क्लब की ओर से होने वाली डे नाइट प्रतियोगिता ने देश के खिलाडिय़ों में अलग पहचान बनाई है।
अजीत जैन व उनके साथियों की देखरेख में करीब 150 खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। भारत थापा, जितेंद्र सिंह, धीरज नेगी और गुलशन राठी ने राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई। वे अभी सेना में है । विजेंद्र सिंह वर्ष 2024 ऑलम्पिक के लिए स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। बालिकाओं में रीना बालावत, कोमल शर्मा, नव्या रानी, लक्ष्मी प्रियाबल, चेतना दास और प्रीति राणावत गत चार साल से महिला हॉकी अकादमी की नियमित सदस्य है। वे राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है। शहर के उर्मिल थापा, प्रदीप नाथावत, नवनीत सिंह, किशन चौहान, देवेश वैष्णव, अक्षत जैन, केशव पांडे, सचिन राठौड़, देव मथुरिया, प्रांजल वैष्णव, रवि खटीक, शैलेन्द्र राजपूत, संजय कोली, हर्षवर्धन सिंह राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
जैन का मानना है कि स्तरीय सुविधाओं के साथ साथ खिलाडिय़ों में लगातार स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। इससे खेल और खिलाडिय़ों में स्वत: निखार आता है। वे कहते हैं कि खेलने के लिए टर्फ मैदान और सरकारी संरक्षण मिले तो हॉकी में भारत किसी से पीछे नहीं है।





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