चूरू.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को काया कल्प पुरस्कार 2018-19 की घोषणा कर दी है। इसमें चूरू का डीबी जिला अस्पताल फेल रहा है। 70 प्रतिशत अंक भी नहीं मिले। वहीं साहवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ने सीएचसी वर्ग में प्रदेश में टाप किया है। सीएचसी को बतौर पुरस्कार 15 लाख रुपए दिए जाएंगे। दूसेर स्थान पर बगड़ झुंझुनूं की सीएचसी रही है। साहवा अस्पताल के स्टाफ ने खुशी जताई।
डाबला रोड शहरी पीएचसी को एक लाख रुपए मिलेगा
इस बार जिला अस्पतालों की श्रेणी में जालौर जिला अस्पताल को प्रथम पुरस्कार 50 लाख और ब्यावर जिला अस्पताल को द्वितीय पुरस्कार के लिए 20लाख रुपए मिलेंगे। हालांकि इस बार जिला अस्पतालों की श्रेणी में राजसमंद पहले और दूसरे स्थान पर झुझंनूं जिला अस्पताल रहा है लेकिन दोनों अस्पताल पहले पुरस्कार पा चुके हैं इसलिए वे पुरस्कार से बाहर कर दिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज शर्मा ने बताया कि पुरस्कार की सूची जारी कर दी गई है। सीएचसी घांघू, कानूता, तारानगर, सांडवा को ७० से अधिक अंक मिले हैं। पीएचसी में प्रथम दाउदसर है व चंगोई तथा घणाऊं को 70 से ऊपर हैं। शहरी पीएचसी में डाबला रोड पीएचसी को 86.67 अंक मिले हैं जो संभाग में दूसरे स्थान है।
कायाकल्प कार्यक्रम के प्रदेश नोडल अधिकारी रामबाबू ने बताया कि जिला स्तरीय अस्पतालों के लिए प्रदेश में प्रथम आने पर 50 लाख और दूसरे को 30 लाख रुपए दिए जाएंगे। 70 से या इससे ऊपर वालों को तीन लाख रुपए दिए जाते हैं। इसी प्रकार सीएचसी स्तर पर प्रदेश में प्रथम को 15 लाख दूसरे को 10 लाख तथा 70 से ऊपर वालों के 50 हजार रुपए। वहीं पीएचसी स्तर पर प्रत्येक जिले में प्रथम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) को दो लाख व 70 से ऊपर को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
उक्त सीएचसी को मिले 70 प्रतिशत से अधिक अंक
घांघू- 82.83
सांडवा -82.33
तारानगर -72.50
कानूता- 70.50
उक्त पीएचसी को मिले 70 प्रतिशत से अधिक अंक
दाउदसर -81.39
चंगोई -79.17
घणाऊं -73.7





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