देसूरी. जलदाय विभाग की ओर से जिन जलस्रोतों से जलापूर्ति की जाती है। उनमें लगातार जल कम हो रहा है। गर्मी का मौसम आने से पहले ही पेयजल किल्लत के आसार नजर आने लगे है। अभी हालात यह है कि देसूरी एवं नाडोल में 96 घंटों के अंतराल से जलापूर्ति की जा रही है। वह भी पर्याप्त नहीं। तहसील क्षेत्र में इस बार औसत से कम बरसात के कारण बांधों और तालाबों में पानी की आवक नहीं हुई। जलदाय विभाग के कुंओं का जलस्तर नहीं बढ़ा। सेली की नाल और घोड़ाधड़ा बांध भी सूख गए। नाडोल के मलोप तालाब में भी पानी की आवक नहीं होने के कारण जलदाय विभाग के टयूबवेल रिचार्ज नहीं हो सके थे। जलस्रोतों में बरसात के बाद जो थोड़ा बहुत पानी था। वह भी लगातार घटता जा रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में देसूरी और नाडोल कस्बों में पेयजल संकट गहराने की आशंका है।
ग्रामीणों को हो रही है परेशानी
क्षेत्र में अभी 96 घंटों के अंतराल से जलापूर्ति हो रही है। देसूरी व नाडोल कस्बेवसियों के साथ क्षेत्र के ग्रामीणों को भी पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। जन संसाधन अभियांत्रिकी विभाग को गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर अभी से पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रवीण कुमार सोलंकी, सरपंच, देसूरी
हम अभी तैयार कर रहे हैं योजना
देसूरी एवं नाडोल के साथ गांवों में गर्मी के दौरान जल की समस्या नहीं आने दी जाएगी। इसे लेकर योजना तैयार की जा रही है। ग्रामीणों को गर्मी में भी पर्याप्त पेयजल मिलेगा। इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। अभी जलस्रोतों में जलापूर्ति के लायक पानी उपलब्ध है।
महेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग, देसूरी
बीमारियों से बचाव के बताए उपाय, पिलाया काढ़ा
सुमेरपुर (निसं). पतजंलि युवा भारत के तत्वावधान में रविवार को शहर के विभिन्न इलाकों मेंं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को काढ़ा पिलाया गया। देवनगरी स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले चौक पर युवा भारत प्रदेश प्रभारी नरेन्द्र आस्था ने कहा कि मौसमी बीमारियों के बचाव व गंभीर बीमारियों को जड़ से समाप्त करने में आयुर्वेद कारगर चिकित्सा पद्दति हैं। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी सुथार ने मौसमी बीमारियों के लक्षण, बचाव व घरेलू उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए काढ़ा कारगर साबित हुआ है। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय कोलीवाड़ा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. राकेश गर्ग ने स्वाइन फ्लू व डेंगू से बचने के लिए विभिन्न कारगर उपायों की जानकारी देते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्दति को अपनाने को कहा। इस दौरान फूलाराम सुथार के आर्थिक सहयोग से तैयार आयुर्वेद काढ़ा लोगों केा पिलाया गया। युवा भारत प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हनवंतसिंह दहिया ने सहयोगी सदस्यों का दुपट्टा ओढ़ाकर सहयोग के लिए स्वागत किया। आयोजन में कमलेश परिहार, अर्जुन राजपुरोहित, पार्षद जवानाराम मेड़तिया, भंवर देवड़ा, मांगीलाल देवड़ा, भंवरलाल देवड़ा, सुुंदर सुथार, छगन सुथार, महेन्द्र माली आदि ने सहयोग किया।





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