रेलमगरा. खण्डेल से फतहनगर तक बनी एनएच 16 2 को नॉन पेचेबल सड़क की श्रेणी में शामिल कर इसे नवीन रूप से बनाने का निर्णय लेते हुए तात्कालीन उच्च शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री किरण माहेश्वरी ने नवीन सड़क तो स्वीकृत करा दी, लेकिन पांच माह गुजर जाने के बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी के अनुसार खण्डेल से दरीबा टोल नाके तक कुल 18 किलो मीटर डामरीकृत नेशनल हाईवे बनाने के लिए 18 करोड रुपए की स्वीकृति हुई है। इस कार्य का ठेका अजमेर की नामी ए क्लास कंपनी के नाम हुआ है। इस कार्य का ठेका हुए करीब पांच का समय पूर्ण हो चुका है। अब इस कार्य को पूर्ण करके देने में मात्र एक माह का समय ही बचा है। अब ठेकेदार कंपनी द्वारा हाल ही में कार्य शुरू किया गया है। ठेका अवधि समाप्त होने में महज एक माह का समय बाकी है लेकिन कार्य की गति अब तक मंथर बनी हुई है। खण्डेल की ओर से शुरू किया गया सड़क का निर्माण शनिवार तक मात्र सात किलो मीटर तक किया गया, जिसमें भी अभी सड़क की ऊपरी सतह पर डामर की परत बिछाने का कार्य शेष है। स्वीकृत सड़क के बाकी बचे 11 किलो मीटर के क्षेत्र में अभी तक ठेकेदार द्वारा कार्य की शुरूआत भी नहीं की गई है। रेलमगरा से दरीबा मार्ग पर कुछ जगहों पर सड़क के आधे भाग को एक्सकेवेटर की सहायता से तोड़कर उसपर मिट्टी भरने का कार्य जरूर किया गया है, लेकिन कई दिनों पूर्व किए गए इस कार्य के बाद सड़क बनाने का कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से वाहन चालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आधी सड़क तोडऩे से सड़क के मध्य बने किनारे से दो पहिया वाहन चालक फिसल कर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, तो दूसरी ओर तेज गति से गुजरने वाले वाहनों से उडऩे वाली मिट्टी से व्यापारियों के साथ आमजन परेशान है। संबंधित ठेकेदार कंपनी द्वारा उखाड़ी गई सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
1300 मीटर बनेगी सीसी सड़क
नेशनल हाईवे 16 2 ए की 18 किलोमीटर लंबाई तक बनने वाली डामरीकृत सड़क के लिए कुल 18 करोड़ रुपए में ठेका दिया गया है। खण्डेल से दरीबा टोल नाके तक पूरी होने वाली इस दूरी में रेलमगरा कस्बे सहित अन्य आबादी क्षेत्रों में महज 1300 मीटर सीसी सड़क का कार्य शामिल किया गया है। रेलमगरा कस्बे में कुरज मार्ग पर बने पेट्रोल पंप से दरीबा मार्ग पर समाप्त होने वाली संपूर्ण आबादी की दूरी भी करीब डेढ़ किलो मीटर है, ऐसे में महज 1300 मीटर की सीसी सड़क की स्वीकृति होना क्षेत्रवासियों के चिंता का विषय बना हुआ है। जबकि इस क्षेत्र में कुरज का आबादी क्षेत्र भी शामिल है। सीसी सड़क का निर्माण होने के साथ इस सड़क के दोनों ओर बरसाती एवं गंदे पानी की निकासी के लिए नालों का निर्माण भी कराया जाएगा।
पुरानी सड़क पर ही किया जाएगा डामर
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी से मिली जानकारी के अनुसार नॉन पेचेबल में शामिल हुई एनएच 16 2 ए का निर्माण पुरानी सड़क को पुरी तरह से उधेड़कर नहीं किया जाएगा। ठेकेदार कंपनी को दिए ठेके में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जहां सड़क पर गड्ढे हुए हैं वहां पेचवर्क कर पूरी सड़क पर डामर बिछाया जाए वहीं जहां सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है वहां खुदाई कर पुन: भराव करने के बाद डामर बिछाने का कार्य किया जाए। इस तर्ज पर बनने वाली सड़क की उम्र का अंदाजा तो भविष्य में सामने आएगा लेकिन वर्तमान में यह साफतौर पर माना जा सकता है पूरी तरह से नई बनी सड़क चंद महीनों में उधड़ गई ऐसे में पेचवर्क के बाद पुरानी सड़क पर ही डाला जाने वाला डामर कितने दिनों तक टिक पाएगा।
इनका कहना है...
&18 किलो मीटर तक सड़क बनाना स्वीकृत है जिसमें पुरानी सड़क को पूरी तरह से उधेड़कर नवीन बनाने की शर्त शामिल नहीं है। जहां सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है वहां उधेड़ कर नवीन प्रक्रिया के आधार पर ही सड़क बनाई जाएगी। इसमे 1300 मीटर सीसी सड़क का निर्माण किया जाना भी शामिल है।
सैयद शब्बीद अहमद, अधिशासी अभियंता नेशनल हाईवे ऑथोरिटी





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