Breaking News
recent

अलवर वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 18 साल बाद यहां मकान बनाने के लिए मिल रहे प्लॉट, पास से गुजरेगी मेट्रो

अलवर वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। 18 साल कछुआ चाल चलने के बाद अब घर बनाने के लिए प्लॉट मिलने जा रहे हैं। अम्बेडकर नगर आवासीय योजना के करीब 18 साल बाद यूआईटी की आवासीय योजनाओं में करीब 4 हजार से अधिक परिवारों को भूखण्ड खरीदने का अवसर मिलेगा। जिसकी शुरूआत 16 जनवरी से होगी। इससे पहले यूआईटी की अम्बेडकर नगर आवासीय योजना धरातल पर आई थी। इन दोनों योजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को छोटे भूखण्ड व फ्लैट भी मिलेंगे।

शहर में टेल्को चौराहे के निकट तिजारा रोड के दोनों तरफ यूआईटी की दो बड़ी आवासीय योजनाएं कछुआ चाल से चलते हुए करीब 15 साल बाद धरातल पर आने जा रही हैं। इन दोनों आवासीय योजनाओं में फिलहाल रोड बनाने के कार्य चल रहे हैं। यूआईटी के स्वीकृत ले-आउट के अनुसार दोनों में करीब 4 हजार से अधिक भूखण्ड होंगे। जो किसान व यूआईटी के जरिए बेचान किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 8 प्रतिशत विकसित जमीन आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के परिवारों को भूखण्ड व मकान मिलेंगे।

अभी डब्ल्यूबीएम की सडक़

यूआईटी एक्सईएन एके धींगड़ा ने बताया कि अभी दोनों योजनाओं में डब्ल्यूबीएम की रोड बनी है। जैसे-जैसे आमजन के मकान बनने लगेंगे। वैसे-वैसे बीटी रोड के अलावा सीवरेज, पानी व लाइट का इंतजाम किया जाता रहेगा। पानी की लाइन डालने के लिए जलदाय विभाग से एस्टीमेट मांगा है। इसी साल में दोनों योजनाओं में सडक़ों को पूरा कार्य हो जाएगा। इसके साथ में पानी व बिजली की लाइन डालने का कार्य भी चलता रहेगा।

आरआरटीएस का ट्रैक भी

शलीमार आवासीय योजनाओं में आरआरटीएस का ट्रैक बनाए जाने की करीब 150 फीट जगह भी छोड़ी गई है। माना जा रहा है कि भविष्य में इधर से मेट्रो ट्रेन के आने जाने का ट्रैक बनाया जाएगा। जिसके कारण इन दोनों आवासीय योजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसानो में नाराजगी भी इन दोनों योजनाओं में जमीन के मालिक किसानों में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि किसानों की जमीन एक साल पहले खाली करा ली। रोड बनाने का कार्य भी धीरे हो रहा है। विकसित जमीन देने का मतलब वहां बिजली, पानी, रोड व सीवरेज व पार्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास होना है। अभी यहां सडक़ भी नहीं बनी है।

16 व 17 जनवरी को भूखण्डों की नीलामी

शालीमार व विज्ञान नगर आवासीय योजना के भूखण्डों का सीधी नीलामी 16 व 17 जनवरी को होगी। यूआईटी के अधिकारियों ने बताया कि अभी तीन ब्लॉक (ए,बी,सी) के कुछ भूखण्डों का बेचान होगा। भूखण्डों की खरीदने का जितना आमजन का रेस्पोंस मिलेगा उसके अनुसार आगे दुबारा से भूखण्डों का बेचान किया जाएगा। 160 हैक्टेयर से बड़ी योजना शालीमार व विज्ञान नगर दोनों में आवासीय योजना में करीब 160 हैक्टेयर जमीन है। जिसमें से करीब 50 प्रतिशत जमीन योजना के विकास में सडक़, पार्क व अन्य सुविधाओं में खप गई। कुल जमीन का 25 प्रतिशत विकसित जमीन किसानों को भूखण्डों के रूप में आवंटित की जा रही है। शेष करीब 25 से 30 प्रतिशत विकसित जमीन यूआईटी के पास बचेगी। इसी जमीन के भूखण्ड आमजन को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान भी खुद के विकसित भूखण्ड यूआईटी से पट्टा लेने के बाद बेचने के लिए अधिकृत हैं।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.