Breaking News
recent

जनता के नाम पर जनता से लूट, 2 स्टिंग, 2 खुलासे

भवनेश गुप्ता/विजय शर्मा
जयपुर. राजधानी में जहां देखो, जनता का काम करने के नाम पर जनता को ही लूटने और अपनी जेबें भरने का खेल चलता नजर आ रहा है। पुलिसकर्मियों को वाहन चालकों से अवैध वसूली करते तो खुद पुलिस ने पकड़ा ही है, अब राजस्थान पत्रिका ने 2 विभागों में पड़ताल की तो वहां भी ऐसे खेल का खुलासा हुआ है। पत्रिका ने पहला स्टिंग पार्षद के सहयोग से जलदाय विभाग में किया, जहां जनता के हक का नि:शुल्क सरकारी पानी बेचने के सिलसिले पर लगाम ही नहीं लग पा रही। दूसरा स्टिंग परिवहन विभाग में किया, जहां लोगों के बजाय बिचौलिए ट्रायल दे रहे हैं और मोटी रकम वसूलकर लाइसेंस दिलवा रहे हैं।

 

स्टिंग-1 : सरकारी पानी बिक रहा, अफसर बोले सबूत लाओ
आदर्शनगर, जवाहरनगर के बड़े इलाके में जनता के हिस्से का सरकारी नि:शुल्क पानी बेचने का सिलसिला लम्बे समय से चल रहा है। लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई के नाम पर जलदाय विभाग लीपापोती करता रहा। स्थानीय पार्षद महेश कलवानी ने शिकायत की तो विभागीय अफसरों ने उनसे भी कहा, सबूत दो। इस पर राजस्थान पत्रिका ने कलवानी के सहयोग से 4 घंटे में 22 किलोमीटर दूरी नापकर सबूत जुटाए।

 

कार्रवाई में लीपापोती
सहायक अभियंता ने तत्काल टैंकर चालक की सेवा समाप्त करने का पत्र जारी करने के आदेश दिए। लेकिन इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश नहीं की कि किन अफसरों की अनदेखी या मिलीभगत के कारण पानी लगातार बेचा जा रहा है।

चार घंटे तक पीछा कर खोली चोरी की पोल
कलवानी के साथ पत्रिका टीम गुरुवार सुबह जवाहरनगर सेक्टर 7 स्थित पम्पिंग स्टेशन पहुंची। आधे घंटे तक निगाह रखी। यहां 3 टैंकरों में पानी भरा गया। इनमें से एक टैंकर रवाना हुआ, जो प्लॉट संख्या 2-घ-2 पर पहुंचा। टैंकर को निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजा या नहीं, यह देखने के लिए टीम जलदाय विभाग कार्यालय पहुंची। एंट्री का रजिस्टर मांगा तो कनिष्ठ अभियंता ने कहा, वह तो टैंकर चालक ले गया। फिर घंटेभर बाद रजिस्टर मंगवाया गया। कनिष्ठ अभियंता ने दावा किया कि अभी तक सिर्फ प्लॉट संख्या 5-ज-7 पर सरकारी टैंकर भेजा है। जबकि सच यह था कि चालक ने 2-घ-2 में पानी खाली किया था, जिसकी एंट्री नहीं मिली। चालक रजिस्टर देकर जाने लगा तो कलवानी ने सहायक व कनिष्ठ अभियंता के सामने उसे रुकवा लिया। पानी बेचने से उसने इनकार कर दिया। फिर मोबाइल में पानी बेचते हुए फोटो दिखाई तो सकपका गया। बोला, 250 रुपए में टैंकर खाली किया था।

ये हैं जिम्मेदार
- जेएसडी कटारा, अधिशासी अभियंता
- प्रवीणकुमार, सहायक अभियंता
- मुकुलकुमार, कनिष्ठ अभियंता
इनका कहना है
टैंकर चालक ने 250 रुपए में पानी का टैंकर खाली करना कबूला है। हमने उसे बाहर कर दिया है। अब निगरानी और बढ़ाएंगे। जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी निगाह रखेंगे। - प्रवीणकुमार, एईएन, जलदाय विभाग

 

rto

स्टिंग-2: ट्रैक पर बंद हुई कार तो उतर गया चालक, फिर बिचौलिए ने दे दी ट्रायल
परिवहन विभाग के अफसर आंख बन्द कर ड्राइविंग के स्थाई लाइसेंस बांट रहे हैं। बिचौलियों के दबाव में ऐसे चालकों को भी सड़कों पर गाड़ी दौड़ाने के लिए हरी झंडी दे रहे हैं, जिन्हें वाहन चलाना ही नहीं आता। राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार को स्टिंग किया तो यह धांधली सामने आई।

केस-1
पत्रिका टीम गुरुवार को आरटीओ के विद्याधरनगर कार्यालय पहुंची तो स्थाई लाइसेंस के लिए कार्यालय से करीब आधा किमी दूर ट्रायल ली जा रही थी। दोपहर 1 बजे नैनो कार से ट्रायल देने के लिए चालक वहां पहुंचा। ट्रायल स्थल के बाहर बिचौलिया चालक को समझा रहा था। चालक कार लेकर घुसा तो झटका खाकर ट्रैक पर बंद हो गई। फिर 2-3 मिनट तक स्टार्ट नहीं हुई। ट्रैक पर निरीक्षक और गार्ड बैठा हुआ था। इतने में बिचौलिए ने चालक को उतारा व खुद बैठ गया। बिचौलिए ने कार चलाई, घुमाते हुए बाहर ले आया। चालक ने बाइक से दूसरी ट्रायल दी। बिचौलिए ने चालक से कहा, काम हो गया, लाइसेंस बनते ही फोन कर दूंगा। पत्रिका टीम ने पूछा तो चालक बोला, बिचौलिया चलाकर ले आया, मैं पास हो गया।

केस-2
पत्रिका टीम ने विद्याधरनगर कार्यालय के बाहर बिचौलिए से पूछा, लाइसेंस बनवा दोगे, कितने लोगे? बोला, ट्रायल देनी है या नहीं, उसी हिसाब से पैसे लगेंगे। ट्रायल दोगे तो 2300, नहीं तो 3300 रुपए लगेंगे। टीम ने पूछा, कार में नहीं बैठेंगे, ट्रायल पास करा दोगे? वह बोला, आप तो टू वीलर चलाकर दिखा देेना, बाकी हम पर छोड़ दो।

इनका कहना है
यह बिल्कुल गलत है। ऐसा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद विद्याधरनगर कार्यालय का दौरा करूंगा। -प्रतापसिंह खाचरियावास, परिवहन मंत्री



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.