जयपुर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू का बीते साल बड़ा असर सामने आने के बाद नए साल की शुरुआत के पहले दो दिन में ही 118 संदिग्ध और 44 पॉजीटिव मरीज सामने आए हैं।
हालात यह हैं कि पहले दो दिन में ही स्वाइन फ्लू प्रदेश के 9 जिलों तक पहुंच गया है। जबकि 17 जिलों में इसके संदिग्ध मरीज पाए गए हैं। इस साल की शुरुआत में जोधपुर में एक मरीज की मौत हो गई है। बीते साल पॉजीटिव मरीजों का आंकड़ा 2300 को पार कर गया था।
जबकि हर दूसरे दिन मौत के अनुपात से पूरे साल में 221 मरीजों की मौत दर्ज की गई। विभाग ने ऐसी स्थिति में प्रदेश भर में हाई अलर्ट जारी किया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, पाली, अलवर सहित अन्य कुछ जिलों में विशेष फोकस किया गया है। बीते दो दिन में ही जोधपुर में 17 नए पॉजीटिव और जयपुर में 9 मामले सामने आ चुके हैं।
बड़ा फैलाव इसलिए
खतरनाक स्वाइन फ्लू एक दूसरे में संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। लेकिन अभी तक आमजन में इसकी जागरूकता नहीं है।
नमी युक्त वातावरण में अधिक पनपता है वायरस
स्वाइन फ्लू वायरस के लिए माना जाता है कि यह अत्यधिक सर्दी और अत्यधिक गर्मी में नहीं पनपता है। लेकिन पिछले कुछ सालों के दौरान इसमे बदलाव नजर आया है और यह पूरे साल कभी कम तो कम अधिक सक्रिय नजर आया है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी की शुरुआत के साथ इसके मरीज आमतौर पर अधिक मिलते हैं। दिसंबर में इसलिए इसके अधिक मरीज मिले और उसका असर बना हुआ है।
यह करे विभाग
स्कूलों और कॉलेजो में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं
अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर मास्क अनिवार्य किया जाए
बस स्टेंड, हवाई अड्डों सहित रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग
स्वाइन फ्लू के मामलों पर उचित निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री सहित विभागीय स्तर पर पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है। एसएमएस के विशेषज्ञों की टीम जोधपुर सहित आस-पास का दौरा कर चुकी है। स्वाइन फ्लू की जानकारी मिलते ही टीम जाएगी।
रघु शर्मा, चिकित्सा मंत्री
पॉजीटिव मरीज मिलने पर उसे उचित आइसोलेशन में रखें लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच के बाद उपचार शुरू करवाएं।
(एसएमएस के मेडिसिन रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन शर्मा के अनुसार)





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