फालना। भारतीय थल सेना के मेजर जनरल नरपतसिंह राजपुरोहित पुनायता ने कहा कि शिक्षा प्रगति व सम्मान के लिए जरूरी है। जिसको ध्यान में रखकर प्रत्येक बालक-बालिका को शिक्षित करना चाहिए। वे रविवार को फालना के राजपुरोहित विकास संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज अंग्रेजी भाषा का महत्व किसी भी हालत में कम नहीं है, लेकिन परिवारिक संस्कारों में यह संस्कृति व परिवार के बीच दूरियों को बढ़ाने का कारण बना हुआ है।
जिस पर विचार कर परिवार के मध्य सामाजिक भाषा के साथ-साथ हिन्दी का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सफलता के लिए भगवान से बड़ा स्थान माता-पिता का होता है, उनके आशीर्वाद से सभी कार्य सफल होते है। विशिष्ट अतिथि आबकारी निरीक्षक डॉ. मनीषा राजपुरोहित उज्जैन ने कहा कि राजस्थान में मुझे शिक्षा के माध्यम से आज हर मुसीबत को पार कर सामाजिक सम्मान मिला है। संस्था अध्यक्ष सुमेरसिंह राजपुरोहित ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए समाज के दानदाताओं की सराहना की। संस्था मंत्री आइदानङ्क्षसह फालना गांव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष बालूसिंह, मंगलसिंह बामनेरा ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान कर मनोबल बढ़ाने के लिए समाज को आगे आना चाहिए।
उपलब्धियों पर नवाजा
कार्यक्रम के दौरान विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के साथ 200 प्रतिभाओं को पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि तेजसिंह दुजाना, प्रवीणसिंह बारवा, गणपतङ्क्षसह विंगरला सहित अतिथियों ने समाज के विकास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रवणङ्क्षसह बारवा, अरविन्दसिंह पराखिया, दिनेशङ्क्षसह खिंदारागांव, रूपसिंह सेसली, भोपालङ्क्षसह ढालोप, जयसिंह रानीगांव, नारायणङ्क्षसह चाणोद, अरविन्दसिंह, यशपालसिंह शिवतलाव, गुमानसिंह राजगुरु, सुरेश राजपुरोहित, नरपतङ्क्षसह श्रीसेला, भोपालसिंह मादा, लक्ष्मणसिंह पिलोवनी, छोगसिंह माण्डल, जितेन्द्रसिंह चांचोड़ी, उदयसिंह खरोकड़ा, गुमानङ्क्षसह पराखिया ने सहयोग दिया।
सामूहिक विवाह पर चर्चा
सोजत (निप्र)। मेघवाल समाज छात्रावास निम्बली नाड़ी में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर बैठक हुई। इसके लिए विभिन्न कमेटियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई। 22 जनवरी को बंदोली निकाली जाएगी। 23जनवरी बुधवार सवेरे 5 बजे बारातों का आगमन होगा। चूनाराम मकवाना, चम्पालाल पंवार, केसाराम माहेश, कानाराम सोलंकी, पारसराम परिहार, रूपाराम परिहार, चुन्नीलाल पंवार, तुलसाराम पनुसा, लुम्बाराम पंवार, जेठाराम पंवार, गिरधारीलाल, पुष्पेंद्र पंवार, रामलाल भाटी, दुर्गाराम डांगी, लक्ष्मण परिहार, नरेंद्र बोस, घनश्याम परिहार मौजूद थे।





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