केस एक: चूरू के वार्ड 40 में 19 अगस्त को करंट की चपेट में आने से मासूम बालक करण शर्मा की मौत हो गई। अधिकारियों की ढिलाई और धीमी जांच प्रक्रिया के कारण आज तक उसके परिजनों को मुआवजा नहीं मिल सका है।
केस-2-सरदारशहर निवासी मिथुन चौधरी 18 जनवरी को करंट की चपेट में आकर अकाल मौत के मुंह में समा गया। डिस्कॉम ने परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। मगर धीमी जांच प्रक्रिया के कारण आज तक उसके परिजनों को मुआवजा नहीं मिला।
पीयूष शर्मा
चूरू. ये तो महज बानगी है करंट की चपेट में आकर अकाल मौत के ग्रास बन चुके लोगों व मुआवजे का इंतजार करते उनके परिजनों की। मगर आज भी लंबा होता मुआवजा मिलने का इंतजार अनेक परिवारों की पीड़ा को बढ़ा रहा है। हालांकि करंट के मामलों में डिस्कॉम पूरी छानबीन के बाद अपनी गलती मानते हुए मृतकों व घायलों के परिजनों के अलावा मृत पशुओं के पालकों को चार करोड़ 35 लाख 68 हजार 31 रुपए का मुआवजा दे चुका है। डिस्कॉम के आंकड़ों को खंगालें तो जाहिर है कि बीते 18 सालों में 201 लोग करंट से मौत के शिकार हो चुके हैं। 113 लोग गंभीरघायल हो चुके हैं। डिस्कॉम के अधिकारी जांच के नाम पर मुआवजे पर कुंडली मारे बैठे हैं। गौरतलब है कि जुलाई 2000 में हुई जोधपुर डिस्कॉम कीस्थापना के बाद से अब तक 18 सालों में डिस्कॉम के 27 कर्मचारी करंट से मौत के शिकार हो चुके हैं। वहीं 40 कर्मचारी घायल हो चुके हैं। मृतकों के परिजनों व घायल कर्मचारियों के परिजनों को डिस्कॉम एक करोड़ 50 लाख 95 हजार 558 रुपए बतौर मुआवजा राशि दे चुका है। इसी तरह इन 18 साल की अवधि में 181 आम नागरिक करंट की चपेट में आकर अपनों को जिंदगी भर का दंश दे चुके हैं। 73 जने गंभीरघायल हो चुके हैं। जिनमें से अनेक लोग अपने हाथ-पैर गंवाकर जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो चुके हंै। मृतकों के परिजनों व घायलों को डिस्कॉम दो करोड़ 56 लाख नौ हजार 923 रुपए का मुआवजा दे चुका है। इसी तरह पशुपालन कर अपना बसर करने वाले किसानों व पशुपालक भी करंट से अपने पशुओं को गंवा चुके हैं। डिस्कॉम के मुताबिक वर्ष2000 से दिसंबर 2018 से अब तक 301 गाय, भैंस व बकरी आदि जानवर करंट से मर चुके हैं। इसकी एवज में अब तक 28 लाख 62 हजार 550 रुपए का मुआवजा दिया गया है।
2013 में सर्वाधिक मौत
डिस्कॉम की ओर से जारी करंट से मौतों के आंकड़ों के मुताबिक डिस्कॉम की स्थापना से अब तक हुईमौतों के मामले में वर्ष 2013 आम आदमी के लिए सबसे घातक गुजरा। इस वर्ष में सबसे अधिक 25 आम नागरिक करंट से अपनी जिंदगी को गंवा चुके।
एक नजर डिस्कॉम के आंकड़ों पर
डिस्कॉम कर्मी
मृतक घायल मुआवजा
27 40 15095558
आम नागरिक
181 73 25609923
पशु
301 0 2862550
डिस्कॉम का दोष होने पर ही मिलता है मुआवजा
करंट से मौत होने व मुआवजे की मांग उठने पर डिस्कॉम अपने एक्सईएन लेवल के अधिकारी से मामले की पूरी जांच करवाता है। जांच में करंट लगने में किसी भी तरह से डिस्कॉम का दोष पाए जाने पर ही मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है।
इनका कहना है
&करंट से मौत के मामलों में पूरी संवदेनशीलता से जांच कर मुआवजा दिया जाता है। अधिकांश मामलों में मुआवजा दिया भी जा चुका है। जो केस पैंडिंग है उनकी जांच शीघ्र पूरी करवाकर मुआवजा दिलाया जाएगा।
एनसी मीणा, एसई, जोधपुर डिस्कॉम, चूरू





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