जैसलमेर. स्वर्णनगरी से लेकर सम के रेतीले धोरों तक नए वर्ष के आगमन पर उत्साह व उल्लास के साथ जश्न का माहौल चरम पर दिखाई दिया। होटलों और रिसोट्र्स में लगाए गए डांस फ्लोर्स पर नृत्यांगनाओं के साथ सैलानियों भी थिरकने से खुद को नहीं रोक पाए। सर्द हवाओं से ठिठुरते जैसाण में जैसे ही घड़ी में ‘12’ बजे तो समूचा माहौल नववर्ष 2019 के स्वागत में उमड़ पड़ा। रात 12 बजे के मौके पर छोटी-बड़ी होटलों से लेकर सम-खुहड़ी के रिसोट्र्स में अलग-अलग अंदाज में सजाए गए केक काटे गए और आतिशबाजी की गई।चारों तरफ आतिशबाजी की गूंज ही सुनाई देती रही। रात के ‘12’ बजते ही लोगों के बीच शुभकामनाओं के आदान-प्रदान का सिलसिला प्रारंभ हो गया। उन्होंने आपस में गले मिलकर और हाथ मिलाकर नए वर्ष की बधाई बांटी तो दूर बैठे लोगों ने आपस में मोबाइल से बात कर अथवा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर बधाइयों का आदान-प्रदान किया। नव वर्ष का जश्न मनाने सात समंदर पार से और देश के कोने-कोने से स्वर्णनगरी पहुंचे सैलानियों और आमजन के बीच नया साल लगते ही उल्लास और उमंग की मानो लहर-सी दौड़ गई। समूचा आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी के नजारों से सराबोर हो गया। लोक कलाकारों ने भी चकरी, घूमर, कालबेलिया और भवई नृत्यों से समां बांध दिया। इसके बाद शुरू हुुआ बॉलीवुड के गानों पर थिरकने का दौरान। बाहर से बुलाए गए मेहमान कलाकारों के साथ पर्यटक भी सुर से सुर मिलाने व थिरकने से खुद को नहीं रोक पाए।
अनूठा माहौल और जायकेदारा व्यंजन
रोशनियों से जगमगाते डांस फ्लोर तथा डीजे पर गूंजते गीतों से जो अनूठा माहौल तैयार हुआ, उसमें जायकेदार व्यंजनों ने सोने पे सुहागा की अनुभूति करवा दी। यही स्थिति सम और खुहड़ी के रिसोट्र्स में रही। वहां हजारों की संख्या में सैलानी जुटे और मखमली रेत के धोरों के बीच नए वर्ष का जश्र अपनी पसंद के भोजन व पेय पदार्थों के साथ मनाया। नगर के सितारा होटलों में नववर्ष के जश्र को जायकेदार बनाने के लिए सिद्धहस्त शेफ बुलाए गए, जिन्होंने मेहमानों के लिए राजस्थानी भोजन में बाजरी के सोगरे और कैर-सांगरी की सब्जी के साथ भारत के विविध क्षेत्रीय डिशेज तैयार की। इस मौके पर देश के सीमांत छोर पर बसे नगर में सैलानियों को इटालियन, मंचूरियन, कांटिनेटल, फ्रेंच आदि विदेशी व्यंजनों को परोसा गया।
जहां नजर, वहां सैलानी
जैसलमेर में वर्ष 2018 के अंतिम दिन हजारों की संख्या में देसी-विदेशी सैलानी उमड़ आए। शहर में प्रवेश करने वाले मार्ग पर दूर-दूर तक चार पहिया वाहनों की कतारें दिखाई दी। दोपहर बाद स्थानीय बाशिंदे नए साल का जश्र मनाने की तैयारियों में जुट गए। सम जाने वाले मार्ग पर रात के समय वाहनों का तांता लग गया। जगह-जगह पुलिस के दस्तों ने वाहन चालकों की जांच भी की कि कहीं कोई शराब पीकर गाड़ी न चला रहा हो। रात के समय जैसलमेर-सम मार्ग पर एक तरफा यातायात व्यवस्था कायम की गई। सुबह से ही सोनार दुर्ग और गड़ीसर सरोवर आदि दर्शनीय स्थलों पर सैलानियों की रेलमपेल का नजारा दिखाई दिया। शहर के मुख्य बाजार भी सैलानियों की भीड़ से सिमटे दिखाई दिए।





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