बाड़मेर. शहर में लगभग 20 दिनों से मृत पशुओं को उठाया नहीं जा रहा है। कुछ दिनों से जहां पशु मृत पड़ा है, वहां संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। परेशान लोग नगर परिषद ठेकेदार को पशु उठाने के लिए फोन करते हैं तो उसके पास जगह नहीं होने का जबाव मिल रहा है।
ऐसे में मृत पशु आसपास के लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। साथ ही क्षेत्र में संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। मजबूरी में लोग अन्य सफाई कार्मिकों को रुपए देकर मृत पशु उठवा रहे हैं। जबकि इसके लिए ठेका दिया हुआ है। वहीं सफाई कार्मिक मृत पशुओं को कहीं पर भी फेंक देते हैं। इससे समस्या और बढ़ रही है।
गोशालाओं से कौन उठाए मृत पशु
शहर के पथमेड़ा गोशाला में तीन दिन पहले तीन पशुओं की मौत हो गई लेकिन मृत पशुओं को उठाने के लिए ठेकेदार को फोन करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा शहर के मोक्षधाम में एक, दानजी की हौदी सहित कई इलाकों में मृत पशु नहीं उठाने से समस्या आ रही है।
नगर परिषद के पास नहीं समाधान
लगभग 20 दिनों से चल रही समस्या के बाद भी नगर परिषद ने इसका समाधान नहीं निकाला। नगर परिषद की ओर से नियत स्थान पर आसपास के लोगों की ओर से मृत पशु नहीं डालने के कारण ठेकेदार शहर से मृत पशुओं को नहीं उठा रहा। ठेकेदार ने जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करवा दिया फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रशासन भी बना मूकदर्शक
जिला कलक्टर की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक होती है। उसमें शहर की समस्याओं को लेकर विचार विमर्श किया जाता है। कलक्टर की ओर से सम्बधित अधिकारियों को समस्या समाधान के निर्देश दिए जाते है। इसके बाद भी मृत पशुओं के निस्तारण के लिए स्थान की समस्या को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए गए। जबकि यह समस्या पिछले तीन हफ्ते से है।
स्थान की समस्या
पहले जहां पशुओं को डालते थे वहां आसपास के लोग मना कर रहे हैं। दूसरा स्थान उपलब्ध नहीं करवाने के कारण पशु उठाना फिलहाल बंद है।
इमाम खां, ठेकेदार, नगर परिषद





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