ज्योतिषाचार्य गुलशन अग्रवाल
अंक 01- बोलने में वाणी की मिठास व संयम को कायम रख पाए तो बिगड़ते हुए काम बनने लगेंगे। कानुनी मसलों में अपनी भावुकता के चलते गलत निर्णय लेने में आ सकते है।
अनुकूलता के लिए- काले श्वान को मीठी रोटी खिलाएं।
अंक 02- आज के समय में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचते हुए पैसों के महत्व को समझने की जरूरत है। सेहत में आए परिवर्तन पुरे समय मानसिक परेशानी का कारण बनेंगे।
अनुकूलता के लिए- भैरो मंदिर में लाल-श्वेत ध्वजा चढ़ाएं।
अंक 03- काम की विफलता धर्म के रास्ते में भटकाव ला सकती है। अपने से छोटों की सलाह को नजरअंदाज न करें। परिवार के साथ किसी तीर्थस्थल पर जाने के योग बनते है।
अनुकूलता के लिए- प्रकृति को सहेजकर रखने की कोशिश करें।
अंक 04- अतिरिक्त धनलाभ के कारण पहले से चल रही मुसीबतों से निकालने में गुप्त हितेशी संकटमोचन का काम करेंगे। धार्मिक सत्संग का प्रभाव कदमों को बहकने से बचाएगा।
अनुकूलता के लिए- गर्म वस्त्र जरूरतमंद को दान में दें।
अंक 05- जीवनसाथी की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों में पहले से ओर अधिक इजाफा हो सकता है। नौकरी के महत्व को समझते हुए अधिकारी वर्ग से आगे बढ़ने की कोशिश न करें।
अनुकूलता के लिए- मीठाई का सेवन कर कार्य शुरू करें।
अंक 06- घरेलु जरूरतों को पुरा करने के चक्कर में नित्य पूजन कर्म को भी समय पर पूर्ण नहीं कर पाएंगे। कर्मचारियों के असहयोग से काम का पुरा बोझ अपने उपर रहेगा।
अनुकूलता के लिए- फिजुलखर्च से बचकर रहें।
अंक 07- नौकरी में पहले से चल रही बदलाव की कोशिशें वर्तमान में सफल होती दिखाई देगी व परिवर्तन करना हित में रहेगा। व्यवहारिक ज्ञान के समुचित उपयोग के मौके मिलेंगे।
अनुकूलता के लिए- श्रीकृष्ण भगवान को तुलसी की माला अर्पित करें।
अंक 08- व्यवसायिक प्रतिष्ठान में वाणी का प्रयोग कम से कम करें। संपत्ति विवाद के सुलझने में आ रही दिक्कतें कम होने लगेगी। बच्चों के कारण चल रही व्यस्तता में कमी आएगी।
अनुकूलता के लिए- दिये गए दान का बखान करने से बचें।
अंक 09- स्थापित हो चुके व्यवसाय में एक निश्चित दायरे से बाहर निकलकर काम करने की जरूरत महसुस होगी। संस्थान के खर्चों में रोक न लगा पाने के कारण परेशानी में आएंगे।
अनुकूलता के लिए- प्रातःकाल सतसंग का श्रवण करें।





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