रतनगढ़. गांव पडि़हारा के रेलवे स्टेशन पर द्रुतगामी ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर रेलवे फाटक सी-11 पर पडि़हारा व निकटवर्ती गांवों के लोगों की ओर से शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन बुधवार को भी धरना जारी रहा।एडवोकेट बिशनलाल ने बताया कि धरना दिन-रात चलेगा। रात को अलग टीम धरने पर बैठेगी। पडि़हारा स्टेशन पर आरक्षण विंडो तुरंत खोलने की मांग भी की गई है। धरनार्थियों का कहना है कि पडि़हारा में द्रुतगामी ट्रेनें नहीं ठहरने से आस-पास के 25 गांवों के लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। धरने पर जागृति संस्थान के अध्यक्ष विमल कोठारी, रतन जैन, जयसिंह राठौड़, नवाब काजी, गन्नी खां, राजेंद्र हर्षवाल, कमल हर्षवाल, दीपक अग्रवाल, दीपक शर्मा, शिशुपाल सुंडा, भंवरसिंह, बाबूलाल पूनिया, बजरंगसिंह पंवार, भागीरथ दर्जी, नानूराम प्रजापत, पप्पू आदि बैठे।
यहां रेल की सुविधा भी नहीं
जिले में तारानगर एक मात्र ऐसी तहसील है। जिसे आजादी के बाद से ही रेल सेवा नसीब नहीं हुई है। जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार वादे किए गए लेकिन ये वादे मात्र अपने स्वार्थ के लिए ही रहे। जनता आज भी यहां ट्रेन का इंतजार कर रही है। इसके लिए वर्षों से मांग भी की जाती रही है। लेकिन स्थिति जस की तस है। केवल सर्वे करवाकर लोगों को खुश करने का काम किया गया है लेकिन रेल की पटरी यहां आज तक नहीं बिछ पाई है।





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