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जब तक थक नहीं गए, पीटते रहे, आरोपी 25 तक रिमांड पर

कुंवारिया. वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने बहला-फुसला कर युवक को अपने साथ ले जा सुनसान क्षेत्र में पीट-पीटकर मारने के प्रकरण में पुलिस ने मुख्य षडयंत्रकर्ता सहित पांचों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से पांचों को २५ जनवरी तक पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर कुंवारिया थाना पुलिस के सुपुर्द किया। आरोपियों ने नृशंसता से हत्या करने की पूरी कहानी पुलिस को बताई।
थाना प्रभारी भगवानलाल मेघवाल ने बताया कि साकरोदा चौराहा से बिनोल जाने वाले रास्ते पर गत शनिवार सुबह किशनलाल गुर्जर की खून से लथपथ लाश अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। प्रकरण में पुलिस ने मास्टर माइण्ड साकरोदा निवासी किशनलाल गुर्जर घी वाला पुत्र जीतमल गुर्जर, जलामली थाना रायपुर भीलवाड़ा निवासी रमेश सिंह राजपूत पुत्र भूर सिंह राजपूत तथा रणजीत सिंह पुत्र भंवर सिंह राजपूत को रविवार को गिरफ्तार किया। देर रात विछड़ी थाना स्वरूपगंज जिला सिरोही निवासी हितेन्द्र सिंह पुत्र अर्जुन सिंह व डांगियों का गुड़ा खेजपाल थाना सुखेर जिला उदयपुर निवासी दिनेश पुत्र लालाजी डांगी को गिरफ्तार किया। पांचों आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बोलेरो कार को उदयपुर के पैसिफिक हॉस्पिटल के समीप महादेव होटल परिसर से बरामद की।

पुलिस ने पांचों आरोपियों को सोमवार को राजसमंद न्यायालय में पेश किया, जहां से पांचों को २५ जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इनसे और भी कई तरह के नए राज खुलने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में मुख्य आरोपी नारायणलाल गुर्जर व सहायक आरोपी तेजुसिंह की तलाश के लिए विभिन्न पुलिस टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही है।


पुलिस कराई घटना स्थल की तस्दीक
प्रकरण में पुलिस ने सोमवार को आरोपियों को मेला परिसर के सामने खेमाखेड़ा रोड के निकट सुनसान क्षेत्र में लेकर घटनास्थल की पहचान कराई। आरोपियों ने घटनास्थल का पूरा रूट बताया। दिल दहला देने वाले हत्याकाण्ड की पूरी कहानी बताई।


इतना मारा कि पांव की हड्डियां टूट कर बाहर निकल गईं
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सुनसान क्षेत्र में पहले शराब पी। फिर किशनलाल को लकडिय़ों, हॉकी स्टिक व सरियों से पीटते रहे, जब तक कि वे थक नहीं गए। मारपीट में आरोपियों ने मृतक को इतना अधिक बेरहमी से मारा कि उसके पांव की हड्डियां टूट कर बाहर निकल गई। मृतक के शरीर पर एक दर्जन से अधिक स्थानों पर चोटें थी। अतिसंवेदनशील अंगों पर भी चोटें पहुंचाई।


कार के नम्बर हटाए
आरोपियों ने बोलेरो गाड़ी की नम्बर प्लेट को पहले हटा दिया, ताकि कहीं पर भी गाड़ी की पहचान नहीं हो सके। घटना को अजांम देने के बाद दुबारा बोलेरो गाड़ी की नम्बर प्लेट लगा दी।


डेढ़ सौ किलोमीटर तक पुलिस को दौड़ाते रहे
दो आरोपियों ने पुलिस को गच्चा देने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन व रास्ता बदला। पुलिस लगातार उनका पीछा करती रही। हत्याकाण्ड में रविवार की देर रात गिरफ्तार दोनों आरोपियों का खमनोर थाना प्रभारी महेश मीणा व उनकी टीम ने लगातार डेढ़ सौ किलोमीटर तक पीछा किया, तब जाकर आरोपी पुलिस की पकड़ में आ सके। दोनों आरोपी उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र के कच्चे व पक्के मार्गों के जानकार होने से पुलिस को दोनों को पकडऩे में मशक्कत करनी पड़ी।


कार से खून के मिले साक्ष्य
हत्याकाण्ड के आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद बोलेरो कार से मृतक के खून के निशान व अन्य साक्ष्य जुटाए। विधि-विज्ञान प्रयोगशाला, उदयपुर के विशेषज्ञ अभय प्रताप सिंह व सुरेश वैष्णव ने एकत्रित किए। राजसमंद पुलिस की एमओबी टीम प्रभारी सुरेशचन्द्र व फतहलाल ने फुट मोल्ट व गाड़ी के टायरों के निशान सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को घटनास्थल से एकत्रित किया।



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