जयपुर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी स्तर पर इसकी रोकथाम को लेकर कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उसके सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।
शनिवार को भी स्वाइन फ्लू से प्रदेश में तीन मौत हुई। नए साल के 26 दिनों में स्वाइन फ्लू से मौत का आंकड़ा 70 तक पहुंच गया है। चिकित्सा विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू को देखते हुए 21 से 25 जनवरी तक सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान एक करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने चिकित्सा विभाग के सभी चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों की निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केन्द्रों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वाइन फ्लू बढऩे के कारण डॉक्टरों व नर्सिंगकर्मियों के अवकाश भी आगामी आदेशों तक निरस्त कर रखे हैं। अभी प्रदेश में सर्दी का प्रकोप जारी है और इस बीमारी का वायरस सर्दी में ही पनपता है। ऐसे में माना जा रहा है कि स्वाइन फ्लू का प्रकोप अभी और भी जारी रहेगा।
बता दें कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) पर ही स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामले आने पर जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही उन्हें एहतियात के तौर पर टेमीफ्लू की खुराक दी जाए। इससे उपचार सुनिश्चित हो सके। गहलोत ने कहा कि स्वाइन फ्लू के अधिक जोखिम वाले लोगों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों,वृद्वों,सीओपीडी, अस्थमा, हार्ट, लीवर तथा किडनी डिजीज, डायबिटीज आदि से ग्रसित मरीजों के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने जिला स्तर पर ही जांच की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।





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